लॉकडाउन में फंसे मजदूरों एवं गर्भवती महिलाओं को सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बचाया


पुणे,(महाराष्ट्र)। कोरोना वायरस के चलते पुणे शहर में लाकडाउन के कारण 25 मजदूर 2 दिन से भूखे-प्यासे फंसे हुए थे। जानकारी मिलने पर पुणे की सामाजिक कार्यकर्ता शीतल गुप्ता ने उक्त स्थान पर पहुंचकर मजदूरों की परिस्थिति का जायजा लिया। जिसमें पता लगा कि उन मजदूरों के पास पैसे एवं राशन खत्म हो चुका था। मजदूर जिस मालिक के अधीन काम करते थे वहर उन्हें बिना वेतन दिए ही अपने गांव भाग गया। इन मजदूरों में बच्चे एवं गर्भवती महिलाएं भी मौजूद थे। सामाजिक कार्यकर्ता शीतल गुप्ता ने इसकी जानकारी वाल्हेकर वाड़ी में कार्यरत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को दी। जिस पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने तत्परता दिखाते हुए मजदूरों के भोजन व राशन की व्यवस्था कराई एवं गर्भवती महिलाओं के लिए यशवंतराव चव्हाण अस्पताल के अधीक्षक अभिजीत सांगणे से बात कर आपातकालीन सुविधा मुहैया कराई। इन गर्भवती महिलाओं में से एक महिला की डिलीवरी हुई जिसमें मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।