अनिल की आंखों से दुनिया देखेगी 'प्रतिभा', शादी ने समाज में कायम की मिसाल


बरेली। इस दुनिया में न कितने लोग हैं जो अपनी शारिरीक अक्षमताओं के चलते निराशा में जीवन व्यतीत करते हैं, वहीं ऐसे भी कुछ लोग है जो अपनी कमजोरी को ही अपनी ताकत मानकर आगे बढ़ते चले जाते हैं। कुछ ऐसा ही मामला बरेली से सामने आया है, जहां कि प्रतिभा ने न सिर्फ अपने दृष्टिहीनता को पीछे छोड़ते हुए सरकारी नौकरी हासिल की बल्कि उसकी दृष्टिहीनता को उसकी कमी न मानकर एक युवक ने भी उसी रूप में अपनाया और उससे शादी की। दरअसल प्रतिभा एक दृष्टिहीन लड़की हैं लेकिन अपने हुनर के चलते जीवन में कभी हार नहीं मानी इसी बात को देखते हुए अनिल ने प्रतिभा से शादी करने का फैसला किया। अनिल ने बताया कि जब घरवालों को पता चला कि मैं एक दृष्टिहीन लड़की से शादी करना चाहता हूं। इस बात पर पापा मम्मी को सहमत करना मुश्किल थोड़ा मुश्किल था लेकिन आखिरकार वे मान गए। अनिल ने बताया कि प्रतिभा को परिवार से मिलवाने तक उन्होंने उसके दृष्टिहीन होने का रहस्य बनाए रखा जाए। पहले घर वालों के सामने अपनी शादी की बात रखी। घरवालों को बताया कि एक लड़की पसंद है जो सरकारी नौकर है। घरवालों की अनुमति पर मैंने प्रतिभा को दिल्ली से बुलाया। लड़की देख कर परिवार ने शादी की हामी भर दी। तब, मैंने प्रतिभा के दृष्टिहीन होने की बात अपने घर वालों को बताइ। उन्होंने फैसला मुझ पर छोड़ दिया। घर वालों ने कहा कि जीवन तुम्हें बिताना है अगर तुम निभा सकते हो तो हमें कोई आपत्ति नहीं है।
अनिल की आंखों से देखेंगी संसार
बरेली किला क्षेत्र के मोहल्ला जसोली निवासी अनिल मौर्य बताते हुए अपने रिश्ते और फैसले पर खुशी जताते हैं। प्रतिभा और अनिल का विवाह बीते 8 जून को हुआ है। प्रतिभा शाक्य मूल रूप से कासगंज क्षेत्र की रहने वाली हैं। प्रतिभा बताती हैं जब वह नौवीं क्लास में थी तब उन्हें दिमागी बुखार आने से उनकी आंखों की रोशनी चली गई थी। काफी डॉक्टरों को दिखाया लेकिन रोशनी नहीं लौटी। उन्होंने कहा कि अब वे अनिल की आंखो से दुनिया देखेंगी।
फैसला करना नहीं था आसान
अनिल और प्रतिभा के रिश्ता ने समाज के लिए एक मिसाल कायम की है। प्रतिभा के छोटे भाई बबलू अपनी पत्नी गीता के साथ मणिनाथ में रहते हैं। गीता ने अनिल के सामने प्रतिभा से शादी का प्रस्ताव रखा था। प्रतिभा दिल्ली के एक केंद्रीय विद्यालय में सरकारी शिक्षिका हैं। अनिल बताते हैं कि दृष्टिहीन लड़की से शादी करने को रिश्ते के लिए तुरंत हां करना संभव नहीं था। अनिल ने अपनी भाभी से कहा कि लड़की से बातचीत करूंगा उसके बाद ही कोई फैसला कर पाऊंगा। मुलाकात के कुछ समय बाद ही आत्मविश्वास से भरी बातचीत को देखकर ही मैंने प्रतिभा के साथ विवाह का फैसला लिया।