अपनी शादी पर दूल्हा-दुल्हन ने दिया अनूठा दान, वसई के कपल ने शादी के दिन आइसोलेशन सेंटर को दान दिए 50 बेड



  • वसई के रहने वाले कपल ने शनिवार को चर्च में की शादी

  • शादी के बाद तत्काल पहुंचे आइसोलेशन सेंटर दिया बेड, चादर, गद्दा और आक्सिजन सिलिंडर का दान

  • कपल ने कहा शादी के बाद हनीमून पर जाने की बजाए सेंटर पर करेंगे मरीजों की देखभाल

  • शादी में नहीं किया कुछ भी खर्च, कपड़े तक किराए पर लेकर पहने दुलहन ने

  • प्रवासी श्रमिकों को घर भेजने और खाने की व्यवस्था करने में भी कपल ने किया था सहयोग


मुंबई। कोरोना वायरस से पूरी दुनिया जूझ रही है। भारत में महाराष्ट्र के हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। यहां की स्थिति यह है कि अस्पतालों में बेड कम पड़ रहे हैं। ऐसे में वसई के एक कपल ने मानवता की मिसाल पेश की है। इस कपल ने अपनी शादी के लिए रुपये न खर्च करके इस रुपयों से क्वारंटीन को 50 बेड दान किए हैं। एरिक लोबो (28) और मर्लिन टस्कैनो (27) ने बताया कि दोनों का आठ साल के अफेयर है। इस साल दोनों ने शादी करने का फैसला लिया था। उनकी शादी की तैयारियां चल रही थीं। सर्दियों में उनकी शादी का भव्य आयोजन होना था। 2000 मेहमानों की लिस्ट तैयार की गई थी। कोरोना वायरस और लॉकडाउन के बीच जो स्थितियां बनीं उसने एरिक और मर्लिन के प्लान में बदलाव किया। 
ऑक्सिजन सिलिंडर भी दिए दान
शनिवार को दोनों कपल ने सादे समारोह में शादी की। दोनों ने एक दूसरे का साथ निभाने की कस्में खाईं। सिर्फ 22 लोग इस शादी का हिस्सा बनें। सभी वसई के सेंट गोनसालो चर्च में एकत्र हुए। चर्च में शादी हुई और फिर सभी लौट गए। शाम को कोई रिसेप्शन नहीं किया गया। रिसेप्शन के लिए जो रुपये रखे थे, उससे कपल ने सतपाला आइसोलेशन सेंटर को 50 बेड दान में दिए। बेड के अलावा गद्दे, तकिया और चादरें भी उन्होंने दान में दी। यहां तक कि ऑक्सिजन सिलिंडर भी मरीजों के लिए दान में दिए।
मर्लिन ने गाउन तक नहीं खरीदा
कपल ने कहा, 'इस महामारी में अस्पतालों को बेडों की जरूरत है। हम लोगों को खुशी है कि अपनी शादी के रुपयों से हम लोग इस महामारी में मरीजों के कुछ काम आ सकेंगे।' दोनों ने बताया कि वे मिलकर एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी चलाते हैं। उन्होंने अपने प्री वेडिंग फंग्शन भी नहीं किए। शादी में जो लोग आए उनसे कोई उपहार भी नहीं लिया। यहां तक कि मर्लिन ने जो गाउन पहना था वह भी किराए पर लिया था।
प्रवासी श्रमिकों के लिए कपल ने किया काम
मर्लिन ने बताया कि प्रवासी श्रमिकों के लिए कम्युनिटी किचन की व्यवस्था के अलावा उनकी ट्रेन की व्यस्था करने तक का काम उन लोगों ने किया। वह अपनी तरह से प्रवासी मजदूरों की जितनी मदद कर सकते थे, की। जब उन लोगों के व्यक्तिगत सहयोग की बात आई तो उन्होंने अपनी शादी में कुछ भी खर्च न करने की ठानी। उन लोगों ने वसई के ग्रामीण कोविड केयर सेंटर को चुना जहां सुविधाओं की कमी थी और वहां बेड, ऑक्सिजन वगैरह दान में दी हैं।
हनीमून की जगह, कोविड केयर सेंटर पर करेंगे सेवा
कपल ने बताया कि शादी के बाद वे लोग अपने हनीमून पर भी नहीं जाएंगे। हनीमून पर जाने की जगह वे लोग अब कोविड केयर सेंटर पर मरीजों के लिए काम करेंगे। कपल को स्थानीय विधायक क्षितिज ठाकुर ने प्रशंसा पत्र भी जारी किया है।