चीन संग तनाव के बीच कालापानी के पास नेपाल आर्मी चीफ का दौरा, पाक सेना प्रमुखों और ISI की ख़ुफ़िया मीटिंग


परिपूर्ण न्यूज़ डेस्क। हिन्दुस्तान की जमीन पर गलत नीयत बनाए हुए चीन और जिसे भारत ने अब तैयारियां तेज कर दी हैं। जहां ड्रैगन की हर साजिश का करारा जवाब दिया जाएगा। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी चीन को साफ शब्दों में कह दिया कि सीमा पर किसी भी तरह की गुस्ताखी माफ नहीं की जाएगी। सीमा पर चीन की साजिश अब उसे महंगी पड़ने वाली है। गलवान घाटी में तनाव को लेकर बैठकों का दौर जारी है। चीन से तनाव तो जारी है ही लेकिन भारत के दो पड़ोसी देशों में भी हलचलें तेज हो गई। एक तरफ जहां लगातार भारत को आंखे दिखा रहा नेपाल विवादित नक्शे को कानूनी जामा पहनाने के बाद कालापानी क्षेत्र के करीब का दौरा करते नजर आए तो दूसरी तरफ कश्मीर में अपनी नापाक आतंकी साजिशों को अंजाम देने वाला पाकिस्तान आईएसआईएस के साथ बैठकें कर रहा है। नेपाल के आर्मी चीफ पूर्ण चंद्र थापा ने विवादित कालापानी का दौरान किया। इस दौरान आर्मी चीफ के साथ भारत सीमा पर तैनात नेपाल सशस्त्र पुलिस बल के महानिरीक्षक शैलेंद्र खनाल भी थे। दोनों अधिकारियों ने भारत सीमा पर ताजा हालात का जायजा लिया। खबरों के अनुसार नेपाल आर्मी चीफ ने उस सड़क का भी इंस्पेक्शन किया जो हाल ही में बनाई गई है। यह सड़क नेपाल के दार्चूला जिले को ब्यास गांव से जोड़ती है जो तिंकर दर्रे के पास है। नेपाल आर्मी चीफ का दौरा उनकी संसद द्वारा विवादित नक्शा पास किए जाने के ठीक बाद हुआ है। कालापानी शुरू से ही भारत और नेपाल के बीच विवाद का केंद्र रहा है। भारत-चीन की झड़प के बाद पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के मुख्‍यालय में करीब दो सा‍ल बाद तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने एक ख़ुफ़िया मीटिंग की है। रेडियो पाकिस्तान के मुताबिक, आईएसआई हेडक्वॉर्टर में अहम मीटिंग हुई। इसमें बाजवा के अलावा ज्वॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ नदीम रजा, नेवी चीफ एडमिरल जफर महमूद अब्बासी और एयरफोर्स चीफ मुजाहिद अनवर खान भी मौजूद थे।