गाजियाबाद से लापता बिल्डर की खून से सनी इनोवा मुजफ्फरनगर में मिली


गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां एक कंस्ट्रक्शन कंपनी का प्रॉजेक्टर मैनेजर अपने पटेलनगर स्थित घर से लापता हो गया था। रविवार को उनकी टोयोटा इनोवा क्रिस्टा कार गाजियाबाद से लगभग 100 किलोमीटर दूर मुजफ्फरनगर में खड़ी मिली। इनोवा में ड्राइवर की पिछली सीट खून से सनी मिली, जिसके बाद हड़कंप मच गया। पुलिस ने बताया कि राज नगर एक्सटेंशन केपीडी ग्रैंड सावन्ना का रहने वाला विक्रम त्यागी (36) अपने चाचा की कंपनी में काम करता था। उसके चाचा की राजेश्वर बिल्डर्स नाम की कंपनी है। इस कंपनी ने यूपी में कई बिल्डिंगों के प्रॉजेक्ट किए हैं। बताया जा रहा है कि विक्रम शुक्रवार की रात में लगभग साढ़े सात बजे अपने ऑफिस से निकला था। घर के रास्ते में वह एक शराब की दुकान में रुका और शराब खरीदी। रात में अंतिम बार 7.45 पर उसकी अपनी पत्नी निधी के साथ बात हुई थी। फोन पर उसने निधी को बताया था कि वह सोसायटी के गेट से बस सौ मीटर की दूरी पर है, बस पांच मिनट में घर पहुंच जाएगा। पुलिस ने बताया कि विक्रम यहां पर अपनी पत्नी, 12 साल के बेटे और 8 साल की बेटी के साथ रहता था। रात में जब वह साढ़े आठ बजे तक घर नहीं पहुंचा तो उसके परिवार ने उसे फोन किया। कई बार फोन करने के बाद भी फोन बंद मिला। रातभर परेशान रहने के बाद घरवालों ने पुलिस से संपर्क किया और मामला दर्ज करवाया। घरवालों ने विक्रम के अपहरण की आशंका जताई। 
घरवालों ने जाहिर की विक्रम के अपहरण की आशंका
विक्रम के चचेरे भाई अभय त्यागी ने बताया कि शुक्रवार को रात में जब दस बजे तक घर नहीं परिवार ने सोसायटी के आसपास सभी सड़कों और गलियों में जाकर उसे ढूंढा। वे लोग उसके ऑफिस भी गए लेकिन वहां ताला लगा था। रातभर उन लोगों ने विक्रम को ढूंढने का प्रयास किया। अभय ने कहा कि उन लोगों को शक है कि विक्रम का अपहरण किया गया है, हालांकि अभी तक उन लोगों को फिरौती के लिए कोई फोन नहीं आया है। घरवालों ने बताया कि विक्रम कभी भी अपने पास पर्स नहीं रखता था। जिस दिन वह गायब हुआ, उस दिन उसके पास सिर्फ 1500 रुपये और क्रेडिट कार्ट था। पुलिस को विक्रम की लास्ट लोकेशन राज नगर एक्सटेंशन के गौर कैसकैड्स में मिली, जो उसके घर से कुछ ही मीटर की दूरी पर है।
चेकपॉइंट पर रोकी गई थी कार
पुलिस ने बताया कि शनिवार की शाम को पुलिस ने विक्रम की इनोवा मुजफ्फरनगर में बरामद की। पुलिस ने बताया कि कतौली इलाके के चेकपॉइंट पर शनिवार की रात को इनोवा रोकी गई थी। उसमें बैठे दो लोगों ने पुलिस को बताया कि वे दिल्ली पुलिस के हैं। अभय ने बताया कि जब पुलिस ने टॉर्च लगाकर कार के अंदर झांका तो देखा की पिछली सीट पर खून के धब्बे लगे थे। पुलिस ने पूछताछ की तो दोनों ने इनोवा की स्पीड बढ़ा दी और वहां से भाग निकले। पुलिस ने उनका 15 किलोमीटर तक पीछा किया लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर वे भाग निकले। अगले दिन कार 40 किलोमीटर दूर खड़ी मिली लेकिन उसकी नंबर प्लेट गायब थी।
टोल से नहीं गुजरी कार !
पुलिस ने बताया कि इनोवा कार का पिछला हिस्सा क्षतिग्रस्त था। देखने से लग रहा है कि कार को पीछे की तरफ से किसी दूसरे वाहन ने टक्कर मारी होगी। विक्रम के फास्टटैग कार्ड से रुपये नहीं कटे थे इसलिए पुलिस को आशंका है कि आरोपियों ने मुजफ्फरनगर तक पहुंचने के लिए गांव का रास्ता चुना होगा। चार जिलों गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ और मुजफ्फरनगर की पुलिस लगभग 500 सीसीटीवी कैमरों की चेकिंग कर रही है।