कानपुर में चीन के राष्ट्रपति की निकाली गई शव यात्रा, चीनी सामानों का बहिष्‍कार करेंगे व्‍यापारी


कानपुर। चीन के साथ तनातनी के बीच कानपुर के व्‍यापारियों ने भी चीन में बने सामानों का बहिष्‍कार शुरू कर दिया है। रविवार को यहां के प्रमुख बाजारों में व्‍यापारियों ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की शवयात्रा को घुमाने के बाद पूरे रीति-रिवाज के साथ चिता के हवाले कर दिया। व्यापारियों ने शी जिनपिंग और चीनी सेना के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। व्यापारियों ने कहा कि चीन में बने सामानों का बहिष्‍कार कर उसे आर्थिक चोट पहुंचाई जाएगी। चीन के खिलाफ प्रदर्शन में शहर के सभी व्यापारिक संगठनों ने हिस्सा लिया। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने हाथों में तिरंगा और तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। गैर जरूरी चीनी उत्पादों पर आयात शुल्क भी बढ़ाने की मांग की गई। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने चीनी सेना मुर्दाबाद, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए जिनपिंग, चीनी सेना और चीन निर्मित उत्पादों की शवयात्रा निकालकर चिता के हवाले कर दिया।
'चीन ने छूरा घोपने का काम किया'
व्यापारी नेता ज्ञानेश मिश्रा के मुताबिक, चीन ने 1962 में हिंदुस्‍तान को धोखा दिया था, उसे हम भूले नहीं है। इसके बाद चीन 1967 और 1987 में भी पीठ पर छूरा घोपने का काम कर चुका है। चीन अंतरराष्‍ट्रीय मंच पर पाकिस्तान के साथ खड़ा रहा है। एक बार फिर से गलवान घाटी पर हमारे जवानों पर हमला किया, जिसमें एक कर्नल समेत 20 जवान शहीद हो गए। इतना कुछ होने के बाद भी चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है।