मोदी सरकार की यूपी को बड़ी सौगात, कुशीनगर में बनेगा चौथा इंटरनैशनल एयरपोर्ट



  • केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश में चौथे इंटरनैशनल एयरपोर्ट को मंजूरी दे दी है

  • बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई

  • लखनऊ, वाराणसी और नोएडा के बाद अब कुशीनगर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा

  • इसके लिए यूपी सरकार ने 590 एकड़ का जमीन पहले ही अधिग्रहण कर लिया था


लखनऊ। केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश में चौथे इंटरनैशनल एयरपोर्ट को मंजूरी दे दी है। बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई। यूपी के लखनऊ, वाराणसी और नोएडा के बाद अब कुशीनगर में भी एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कैबिनेट का शुक्रिया अदा किया। सीएम योगी ने कहा कि आज का दिन हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है। कुशीनगर में बरसों से इंटरनैशनल एयरपोर्ट की मांग की जा रही थी। यह मामला काफी दिनों से लंबित पड़ा हुआ था। मुख्यमंत्री योगी ने एक बयान जारी कर कहा कि राज्य सरकार ने 590 एकड़ का जमीन पहले ही अधिग्रहण कर लिया था। लगभग ₹190 करोड़ की लागत से एयरपोर्ट निर्माण की प्रक्रिया जारी थी। यूपी सरकार ने अक्टूबर 2019 में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के साथ एमओयू भी साइन किया था। इसके बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को इसकी जिम्मेदारी सौंप दी थी कि आगे की कार्रवाई एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया करे। 
कुशीनगर एयरपोर्ट से बढ़ेगा पर्यटन, पैदा होगा रोजगार'
उन्होंने कहा, यूपी के विकास में कुशीनगर इंटरनैशनल एयरपोर्ट की नई भूमिका होगी। एयरपोर्ट के जरिए हम कुशीनगर को दक्षिण-पूर्व एशिया के उन सभी देशों से जोड़ सकेंगे, जो भगवान बुद्ध से अपना आत्मीय सम्बंध रखते हैं। एयर कनेक्टिविटी मिलने से लोग आसानी से यहां आ सकेंगे और पर्यटन की सम्भावनाएं विकसित होंगी। खास तौर पर थाइलैंड, सिंगापुर, लाओस, कम्बोडिया, जापान, कोरिया, श्रीलंका जैसे देश भी इस एयरपोर्ट के जरिए जुड़ेंगे और पर्यटन, विकास के साथ रोजगार की ढेर सारे मौके पैदा होंगे।
'बुद्ध सर्किट का सेंटर प्लेस है कुशीनगर, 6 स्थल सिर्फ यूपी में'
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कुशीनगर बौद्ध सर्किट की दृष्टि से एक सेंटर प्लेस है। यहां से 150 किलोमीटर की दूरी पर भगवान बुद्ध की जन्मस्थली लुम्बिनी है, उसी के पास कपिलवस्तु भी है। भगवान बुद्ध ने सारनाथ में जहां पहला उपदेश दिया था, वह भी कुशीनगर से 200 किलोमीटर के दायरे में आती है। भगवान बुद्ध को जहां ज्ञान प्राप्त हुआ, वह बोधगया भी ज्यादा दूर नहीं है। इसलिए कुशीनगर बौद्ध सर्किट का एक अहम स्थल है। इससे जुड़े 6 स्थल उत्तर प्रदेश में ही हैं।