पीड़ा की पाती अमर पूर्वज देश भक्तों के नाम


ब्रिटिश हुकूमत को विद्ध्वंश करने वाले स्वतन्त्रता संग्राम के अमर शहीद व सेनानियों की देश भक्ति के इतिहास के परिप्रेक्ष्य मे एवं अमर महापुरुषों के अतुलनीय बलिदानों द्वारा स्थापित स्वतन्त्र भारत के स्वतन्त्र व पावन लोकतंत्र में वर्तमान की पीड़ा की पाती समाचार प्रकाशन के माध्यम से अमर पूर्वज देश भक्तों को भेज रहा हूँ शास्त्रों के अनुसार मुझे पूरा विश्वास है कि आप अमर महापुरुष अपनी इच्छा अनुसार कहीं भी विचरण करते हैं और सर्वत्र दृष्टि रखते हैं । आप महापुरुषों द्वारा अतुलनीय योगदानों /बलिदानों से स्वतन्त्र करवाए गए भारत देश मे पवित्र लोकतंत्र को दाग लग गए हैं ।यहां न्यायाधीशों द्वारा सत्यता के परिप्रेक्ष्य मे जारी किए आदेशों को बाहुबली संज्ञा प्राप्त लोग ,नौकशाह अधिकारी कर्मचारी तवज्जोह नहीं देते यहां चुनावी हार जीत का मुद्दा भी बाहुबलियों के रहमो करम पर निर्भर हो गया है । स्वतन्त्रता संग्राम के शहीद व सेनानी जैसे महापुरुषों की जमीन पर बाहुबली ताकतों द्वारा क़ब्जा कर लिया जाता । ऐसे महापुरुषों ने अपने सांसारिक जीवन मे अंग्रेज सरकार द्वारा किए जा रहे अत्याचार की समाप्ति हेतु अतुलनीय त्याग और योगदान व बलिदान दिया अपनी धन दौलत भी खोई जिसके फलस्वरूप इनकी पीढ़ियां निर्धनता का दंश झेल रही हैं । स्वतंत्र भारत की सरकारों ने अपनी अनुकंपा बरसाते हुए आपके वंशजों , परिवारों को आरक्षण श्रेणी का दर्जा देकर शासनादेश जारी किए वो शासनादेश आला अधिकारियों के कार्यालय की आलमारियों मे धूल फाँकते रहते । इन शासनादेशों मे निहित विषय वस्तु को अधिकारियों को समझाने के लिए भी एक आदेश की आवश्यकता है । शासनादेशों मे निहित लाभ से इन महापुरुषों के निर्धन परिवारों को वंचित रखा जाता । इन परिवारों के कष्ट पर जन प्रतिनिधियों और  नौकरशाही द्वारा कतई अमल नहीं किया जाता । त्याग, तपस्या ,बलिदान से वंचित पैतृक पृष्ठ भूमि होनें के कारण ऐसे जनप्रतिनिधियों और नौकरशाहों को तनिक भी शर्म नहीं आती । बाहुबली अवरोध दे रहे हैं अन्याय कर रहे हैं। 
परम पूज्यनीय अमर पूर्वजों आप से निवेदन है कि आप प्रभु के न्याय विभाग मे मेरी पीड़ा पाती को प्रस्तुत कर वर्तमान मे न्याय के बदले किए जा रहे अन्याय के विरुद्द परमात्मा के न्याय विभाग से भ्रष्ट नौकरशाही और बाहुबलियों के विरुद्द अनुशासनात्मक व दंडात्मक कार्यवाई करवाने की कृपा करें ।
 सादर सहित 
ज्ञान प्रकाश शर्मा पत्रकार 
स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी का पौत्र 
अमृतपुर , फर्रुखाबाद