पिता बीमार, भाई ने रिक्शा चलाकर पढ़ाया, तमाम तकलीफें झेल एमपीएससी की टॉपर बनीं वसीमा



  • एमपीएससी के टॉपर्स की महिलाओं की लिस्ट में तीसरे नंबर पर आईं नांदेड़ की वसीमा शेख

  • वसीमा एक गरीब परिवार और गरीब गांव से हैं, उनके भाई ने रिक्शा चलाकर उन्हें पढ़ाया

  • साल 2018 में सेल्स टैक्स इन्स्पेक्टर के पोस्ट पर चुनी गईं वसीमा शेख


नांदेड़। महाराष्ट्र पब्लिक सर्विस कमीशन (एमपीएससी) में महिला टॉपर्स की लिस्ट में तीसरा स्थान पाने वाली वसीमा शेख अब डेप्युटी कलेक्टर बनेंगी। फिलहाल सेल्स टैक्स इन्स्पेक्टर के पद पर काम कर रहीं वसीमा ने अपनी पढ़ाई पूरी करने में तमाम तकलीफें देखीं। उनके परिवार ने पढ़ाई पर जोर दिया और आज नतीजा है कि वह टॉपर्स की लिस्ट में शामिल हुई हैं। वसीमा की पढ़ाई के लिए रिक्शा चलाने वाले उनके भाई खुद भी एमपीएससी की तैयारी कर चुके हैं। नांदेड़ के जोशी सांघवी नाम के छोटे से गांव की रहने वाली वसीमा के पिता मानसिक रूप से बीमार हैं। मां दूसरों के खेत में काम करके घर चलाती थीं। वसीमा के भाई पैसों की कमी के चलते एमपीएससी की परीक्षा नहीं दे पाए। वसीमा बताती हैं, 'मैंने अपने आसपास, परिवार में और अपने इलाके में गरीबी और तकलीफ को बहुत पास से देखा है। एक तरफ सरकार और उसके साधन थे, दूसरी तरफ गरीब जनता। बीच में एक मीडिएटर की जरूरत थी, मैं वही मीडिएटर बनना चाहती हूं।'
भाई ने बहन को पढ़ाने के लिए चलाया रिक्शा
परिवार में पहली ग्रैजुएट वसीमा ने साल 2018 में भी एमपीएससी की परीक्षा पास की थी और सेल्स टैक्स इन्स्पेक्टर बन गईं। वसीमा को पढ़ाने के लिए उनके भाई ने रिक्शा चलाया। वसीमा और उनकी छोटी बहन एमपीएससी की तैयारी कर रही थीं। बाद में नौकरी मिल जाने के बाद परिवार गरीबी से उबरा। अपनी सफलता के का सारा श्रेय वसीमा अपने भाई और अपनी मां को देती हैं।