पूर्वी लद्दाख के तनाव वाले इलाकों से नहीं हट रहा चीन, भारत ने भी दिखाई सैन्य ताकत



  • सीमा पर तनाव कम करने की कोशिशों के बीच चीन लगातार बढ़ा रहा अपनी ताकत

  • पैंगांग सो झील समेत फिंगर एरिया के आसपास चीन ने अपनी सैन्य तैनाती बढ़ा दी है

  • भारतीय सेना ने पीपी-14 के पास जिन स्ट्रक्चर्स को उखाड़ा था, चीन ने फिर से बना लिया

  • भारत ने भी दिखाई अपनी सैन्य ताकत, फाइटर जेट्स ने चीन सीमा तक भरी उड़ान


लेह। 15 जून को भारत और चीन के बीच हुए खूनी संघर्ष के बाद सीमा पर तनाव को कम करने की कोशिश जारी हैं। दोनों देशों के बीच जहां एक ओर बातचीत चल रही है वहीं एलएसी (lac news) के पास तनाव वाले इलाकों में चीन लगातार अपनी ताकत बढ़ा रहा है और सैन्य निर्माण को जारी रखा है। न्यूज एजेंसी एएनआई के सूत्रों के मुताबिक, पैंगांग सो झील समेत फिंगर एरिया के आसपास चीन ने अपनी सैन्य तैनाती बढ़ा दी है। इसके अलावा विवादित इलाकों के पास निर्माण कार्य को भी नहीं रोका है। सूत्रों ने बताया कि अब तक भारत फिंगर 8 तक अपना दावा करता है, मगर हाल के तनाव के बाद चीन भारत की पैट्रोलिंग पार्टियों को फिंगर 4 से आगे नहीं जाने दे रहा है। सूत्र ने बताया कि फिंगर एरिया में चीन आक्रामक रूप से कई नए इलाकों को अपने नियंत्रण में ले रहा है। सूत्रों ने बताया कि गलवान नदी इलाके में खूनी संघर्ष के बाद भी चीन ने अपने कई स्ट्रक्चर खड़े कर लिए हैं। 
सेना ने जिन स्ट्रक्चर्स को उखाड़ फेंका, चीन ने फिर बना लिए
सूत्रों ने बताया कि भारतीय सेना ने 15-16 जून को पैट्रोलिंग पॉइंट 14 के पास जिन स्ट्रक्चर्स को उखाड़ फेंका था, चीन ने उन्हें फिर से बना लिया है। इसके साथ ही दौलत बेग ओल्डी सेक्टर के ठीक सामने वाले इलाकों में भी चीनी सेना भारत के पैट्रोलिंग पॉइंट 10 से 13 के बीच भी तमाम मुश्किलें खड़ी कर रहा है।
बुधवार को फाइटर जेट्स ने एयरबेस से भरी उड़ान
हालांकि भारत भी लद्दाख में अपनी सैन्य ताकत लगातार बढ़ा रहा है। आर्मी चीफ एमएम नरवणे के दौरे के बीच बुधवार को लद्दाख के आसमान में भारतीय वायु सेना के फाइटर जेट उड़ान भरते दिखे। लेह स्थित मिलिट्री बेस से बुधवार को कई भारतीय जेट ने उड़ान भरी और 240 किलोमीटर दूर स्थित सीमा रेखा तक दौरा किया।
लेह जाने वाली सड़कों पर बने चेकपोस्ट, ट्रक और टैंकों की मौजदूगी
बुधवार को लेह जाने वाले कई रास्तों पर मिलिट्री चेकपोस्ट बनाए गए। शहर में आर्मी की गतिविधियां भी बढ़ गई हैं। लेह के निवासियों ने शहर की सड़कों पर भारी मात्रा में आर्मी के ट्रकों और आर्टिलरी की मौजूदगी की पुष्टि की है।
रिटायर्ड कैप्टन बोले, लेह में ऐसी सैन्य मौजूदगी पहले नहीं देखी
लेह में रहने वाले भारतीय सेना के रिटायर्ड कैप्टन ताशी छेपाल ने कहा कि मैंने अपने जीवनकाल में लेह में ऐसी सैन्य मौजूदगी पहले कभी नहीं देखी है। भारतीय सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने एएफपी से बताया कि इलाके में अब हमारी सैन्य मौजूदगी पर्याप्त मात्रा में है।
चीन पहले भी कर चुका है ऐसी हरकतें
1999 में जब भारत का ध्‍यान करगिल में पाकिस्‍तान की घुसपैठ पर था, तब चीन ने अपने बेस से लेकर फिंगर 4 तक एक कच्‍ची सड़क बना ली थी। बाद में इसे पक्‍का कर दिया गया। एक मिलिट्री ऑफिसर के अनुसार, 'PLA के सैनिक अक्‍सर फिंगर 8 और सिरजप की पोस्‍ट से अपनी पोस्‍ट से गाड़‍ियों में बैठकर इस इलाके में पैट्रोल करते थे। लेकिन फिंगर 2 तक दावा करने के बाजवूद उन्‍होंने इसपर कभी कब्‍जा नहीं किया था लेकिन अब उन्‍होंने फिंगर 4-8 के बीच डिफेंस स्‍ट्रक्‍चर तैयार कर लिए हैं। वे ऊंचाइयों पर मौजूद हैं।'