129 करोड़ की लागत से बरेली में बन रहा है सरकारी यूनानी मेडिकल कॉलेज


बरेली। 2022 तक सरकार की ओर से बड़ा तोहफा देने की तैयारी तेज़ हो गई है। यूपी के बरेली में प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत 100 बेड का यूनानी मेडिकल कॉलेज बनने की तैयारी चल रही है। उम्‍मीद है कि यह साल 2022 तक पूरा हो जाएगा। इसके लिए हजियापुर में ज़मीन की पैमाइश का कार्य भी पूरा कर लिया गया है। केंद्र सरकार की ओर से इसके लिए 129.5 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। हालांकि इसका ऐलान साल 2016 में अखिलेश यादव सरकार ने किया था। दिसम्बर 2016 मे जल निगम ने अल्पसंख्यक विभाग को ज़मीन भी दे दी। लेकिन बजट और मंजूरी नहीं दे पाए थे। 2017 में सपा सरकार गिर गई थी। 2018 में फिर से कोशिश हुई। 2019 सितंबर में मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय की अध्यक्षता में समिति ने इस परियोजना को मंजूरी भी दी थी। 2019 में इस प्रॉजेक्‍ट को पीएम जन विकास कार्यक्रम में मंजूरी मिल गई।
उम्‍मीद है कि 1 दिसंबर से पीडब्‍ल्‍यूडी हजियापुर में इसका निर्माण शुरू कर देगा। इसके लिए आर्किटेक्ट कंपनी के एक्सपर्ट और प्रशासन के अधिकारियों ने जमीन का जायजा और पैमाइश तक का काम निपटा लिया है।
कॉलेज बनाने की पूरी जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी विभाग को
सरकार ने मेडिकल कॉलेज बनाने की पूरी जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी विभाग को दी है। बरेली के सीडीओ चंद्र मोहन गर्ग ने बताया कि पीडब्ल्यूडी ने इस लिए लखनऊ स्थिति स्काइ लाइन आर्किटेक्ट कंपनी को साइट प्लान बनाने का कार्य दिया है। साइट प्लान के लिए पीडब्ल्यूडी आर्किटेक्ट कंपनी को साइट प्लान बनाने के लिए 1.95 करोड़ की रकम भी जारी करेगी। आर्किटेक्ट कंपनी को 15 अक्तूबर तक डीपीआर फाइनल करने का समय दिया है। डॉ वकील अहमद युनानी अधिकारी, बरेली ने बताया कि आज़ाद भारत का यूपी में ये पहला सरकारी यूनानी मेडिकल कॉलेज होगा। आज़ादी से पहले इलाहाबाद (अब प्रयागराज) ओर लखनऊ में यूनानी मेडिकल कॉलेज बने थे। इसकी अतिरिक्त कई प्राइवेट यूनानी मेडीकल कालेज चल ही रहे है। जगमोहन सिंह उप निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण बरेली बताते हैं कि केंद्र सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग यह यूनानी मेडिकल कॉलेज बनना है।
ऐसा होगा यूनानी मेडिकल कॉलेज
पहले चरण में 129.5 करोड़ की लागत से 100 बेड का मेडिकल कॉलेज की बिल्डिंग को बनाया जाएगा। इसमें यूनानी चिकित्सा की नई तकनीकों से इलाज किया जाएगा। साथ स्टूडेंट्स यूनानी के क्षेत्र में नई रिसर्च के माध्यम से सीखेंगे। केंद्र की मदद से बन रहे इस यूनानी मेडिकल कॉलेज से बरेली, मुरादाबाद, रामपुर सहित आस-पास के लोगों को अच्छी चिकित्सा तो मिलेगी ही साथ ही छात्र-छात्राओं को पास ही यूनानी मेडिकल कॉलेज मिल जाएगा।