अनाथ बच्ची से रेप, 27 दिन भी नहीं गिरफ्तार हुआ आरोपित, थाने पर हंगामा


पलवल। 22 अगस्त को 12 साल की अनाथ बच्ची से रेप के मामले में पुलिस की कार्यशैली से नाराज जोगीनाथ संगठन ने महिला थाने में जमकर हंगामा किया। 27 दिन बाद भी कार्रवाई न करने पर नाराजगी जताई और थाने के गेट पर नारेबाजी कर आरोपी को कड़ी सजा दिलाने की मांग की। परिजनों ने आरोप लगाया कि उनके ऊपर राजीनामा के लिए दबाव बनाया जा रहा है। गांव से बाहर निकालने की धमकी दी जा रही है। पुलिस ने पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज तो कर लिया, लेकिन अभी तक आरोपी को अरेस्ट नहीं किया है। पीड़िता बच्ची के माता-पिता की मौत हो चुकी है और वह अपनी बहन व जीजा के घर में रहती है। महिला थाना इंचार्ज सब इंस्पेक्टर रेखा ने बताया कि रेप पीड़ित बच्ची की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई है कि 22 अगस्त को करीब साढ़े 11 बजे वह अपनी बहन के बेटे के साथ एक दुकान पर सब्जी लेने गई थी। दुकानदार हरभजन हाथ पकड़ कर घर के अंदर खींच ले गया। उसने कपड़े उतार कर दुष्कर्म का प्रयास किया तो बच्ची शोर मचाने लगी। इसपर आरोपी ने बच्ची को जान से मारने की धमकी दी। बच्ची ने आपबीती परिजनों को बताई तो पुलिस को शिकायत दी गई। पुलिस ने 14 दिन बाद 6 सितंबर को मुकदमा दर्ज तो किया, लेकिन आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया। गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय युवा जोगी नाथ संगठन के तत्वावधान में सैकड़ों युवाओं ने महिला थाने पर प्रदर्शन किया। पुलिस की कार्यशैली के खिलाफ जमकर हंगामा करते हुए लोगों ने थाने के गेट पर नारेबाजी की। जोगी सुभाष चंद्र उपाध्याय ने कहा कि पुलिस ने वारदात के 14 दिन बाद मुकदमा दर्ज तो किया, लेकिन 27 दिन बाद भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। आरोपी पक्ष पीड़ित परिवार पर राजीनामा के लिए दबाव बना रहा है और गांव से निकालने की धमकी दे रहा है। आरोप है कि वह पीड़िता का घर तुड़वाने और सामाजिक तौर पर गांव से बाहर करने के लिए धमका रहे हैं। प्रदर्शन करने वालों में संगठन के अध्यक्ष अनिल कौशिक, उपाध्यक्ष नवीन जोगी व प्रदीप जोगी, मनोज कुमार एडवोकेट, देशराज, ओम राठौर, वीरेंद्र एडवोकेट व टेकचंद मीतरोल मुख्य रूप से शामिल रहे।