अयोध्या में फिर शुरू होगी अनवरत रामलीला, 400 कलाकारों को मिलेगा रोजगार


अयोध्या। अयोध्या में कोरोना और लॉकडाउन के चलते सात महीने से बंद पड़ी अनवरत राम लीला के मंचन की तैयारी की जा रही है। अब 1 अक्टूबर से अनवरत राम लीला का मंचन राम कथा पार्क में किया जाएगा। कोविड संक्रमण के चलते अनवरत रामलीला का मंचन 21 मार्च से बंद कर दिया गया था। अब डीएम से दोबारा मंचन की अनुमति मांगी गई है। अनवरत राम लीला के आयोजन करने वाली संस्था अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक डॉ. वाईपी सिंह के मुताबिक, अनवरत राम लीला से करीब 400 कलाकार जुड़े हुए हैं। इसके बंद हेाने से उनकी रोजी रोटी के साधन बंद हो गए है। ऐसे में अब 1 अक्टूबर से अनवरत राम लीला का फिर से मंचन शुरू करने के लिए डीएम से अनुमति मांगी गई है। इस साल राम कथा पार्क में ओपन मंच पर इसका मंचन होगा, जहां केवल 100 दर्शकों की प्रवेश की अनुमति मिलेगी। कोविड-19 गाइडलाइन सख्ती से पालन किया जाएगा। इसके साथ 7 महीने से भुखमरी का दंश झेल रहे कलाकारों को रोजगार के अवसर मुहैया कराने की मंशा है। डीएम ने अयोध्या के रेजिडेंट मजिस्ट्रेट और सीओ से रिपोर्ट मांगी है। अयोध्या शोध संस्थान के प्रशासनिक अधिकारी राम तीरथ का कहना है कि 1 अक्टूबर से राम कथा पार्क में अनवरत रामलीला का मंचन फिर से शुरू करने के लिए रामलीला मंडलियों को अलर्ट कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि 1 अक्टूबर से मध्य प्रदेश के सतना की रामलीला मंडली से मंचन शुरू होगा। राम तीरथ ने बताया कि पिछले साल चयनित रामलीला मंडलियों में से चार का मंचन कोविड-19 के चलते रुका हुआ था जिसमें अब पहला नंबर सतना की रामलीला मंडली का है। इसके बाद तीन मंडलियां मंचन के लिए बची रहेगी। कुल मिलाकर पिछले साल की बची रामलीला मंडली से 2 महीने तक रामलीला का मंचन हो सकेगा। राम तीरथ ने बताया कि एक रामलीला मंडली 15 दिनों तक अनवरत रामलीला का मंचन करती है। उसके बाद दूसरी मंडली को मौका दिया जाता है। उन्होंने बताया कि अयोध्या की रेजिडेंट मैजिस्ट्रेट और सीओ की सहमति रिपोर्ट मिलने पर अनवरत रामलीला के मंचन को हरी झंडी मिल जाएगी।
1 लाख 32 हजार रुपये मिलता है पारिश्रमिक
15 दिनों तक अनवरत राम लीला का मंचन करने पर प्रत्येक दल को करीब 1 लाख 32 हजार रुपये का पारिश्रमिक मिलता है। बाहर से आने वाले दलों को दूरी के हिसाब से यात्रा, ठहरने और भोजन वगैरह का भी भुगतान तय किया गया है।