बांग्लादेश की युवतियों का इंदौर में तैयार होता था आधार कार्ड, पुलिस ने गिरोह का किया भंडाफोड़


इंदौर। एमपी के इंदौर में पुलिस ने फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले एक बड़े गिरोह का खुलासा किया है। यह गिरोह बांग्लादेश और देश के अन्य स्थानों से लाई गई युवतियों का आधार कार्ड बनाता था। पुलिस ने मुंबई की 2 मॉडल युवतियों की शिकायत के बाद एक बड़े रैकेट को पकड़ने में कामयाबी हासिल की थी, जो अवैध रूप से सीमा पार कराकर काम देने के बहाने इंदौर में देह व्यापार के लिए लाते थे। पूरे मामले में बंधक 13 युवतियों को पुलिस ने आजाद कराया था। इसके बाद पुलिस गिरोह में शामिल 3 महिलाओं सहित कुल 10 सदस्यों को गिरफ्त में लिया था। गिरोह के सदस्यों के पूछताछ के पूरे सिंडिकेट का एक नया किस्सा उजागर हुआ है। एमआईजी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए, 2 ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया है जो होटल में रुकवाने के लिए बाहर से लाई गई युवतियों के फर्जी आधार कार्ड तैयार करते थे। एमआईजी पुलिस ने इंदौर के श्रीनगर स्थित एक फ्लैट से 2 आरोपियों को पकड़ा है। एमआईजी थाना पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपी फर्जी आधार कार्ड बनाकर गिरोह को उपलब्ध कराते थे। दोनों ही आरोपी इंदौर के गांधी नगर के रहने वाले हैं। पुलिस ने बड़ी संख्या में आधार कार्ड भी जब्त किया है। जांच अधिकारी सीमा शर्मा आचार्य ने बताया कि आरोपियों में से एक आरोपी दीपक विष्ट महज 500 रुपए के लालच में आधार कार्ड तैयार कर देता था, जिसको पहुंचाने का काम दूसरा आरोपी करता था।