बच्चे की किडनैपिंग के बाद हत्या करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार


आगरा ब्यूरो। उत्तर प्रदेश के आगरा में नौ साल के मासूम उपदेश की हत्या के एक आरोपी को पुलिस ने एनकाउंटर में शनिवार को गिरफ्तार किया था। रविवार की सुबह दो और आरोपियों को पुलिस ने बरहन रोड से गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ ने आगरा पुलिस को घटना की तह तक जाने और आरोपियों के खिलाफ एनएसए में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। गांव में अभी भी सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए फोर्स की तैनाती बरकरार रखी गई है। बता दें कि धौर्रा निवासी रघुनाथ सिंह यादव के 9 साल के बेटे उपदेश उर्फ भुल्ला की मंगलवार को हत्या कर दी गई थी। गुरुवार सुबह उसका शव घर के पास ही बाड़े में भूसे के ढेर में मिला था। पुलिस ने शनिवार सुबह गांव के वाहिद को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया था। उसने फिरौती वसूलने को उपदेश का अपहरण किया था। बालक के शोर मचाने पर उसकी गला दबा कर हत्या कर दी थी। बालक का शव बरामद होने वाले दिन थाना एत्मादपुर के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक सलीम खान ने आरोपियों को मामूली पूछताछ के बाद छोड़ दिया था। इसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश था। एसएसपी बबलू कुमार ने निरीक्षक को लाइन हाजिर कर दिया था। 
घेराबंदी कर किया गिरफ्तार
रविवार तड़के पुलिस को सूचना मिली कि हत्याकांड में वाहिद के साथ वारदात करने में शामिल अरमान और अयूब बाइक से जा रहे हैं। एत्मादपुर बरहन रोड पर दो अलग अलग स्थानों पर पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद दोनों ने जुर्म कुबूल लिया है। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि दोनों को रिमांड मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा। उनसे पूछताछ में कई जानकारियां मिली हैं।
शोर मचाने पर गला दबाकर की थी हत्या
आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि वाहिद ने तीन महीने पहले ही उपदेश के अपहरण की योजना बनाई थी। इसके लिए अपने चचेरे भाई अयूब को शामिल किया था। लेकिन तब अपहरण करने में नाकामयाब होने पर वाहिद ने दस दिन पहले दूर के रिश्तेदार अरमान से बात की थी। तीनों ने मासूम का अपहरण तो कर लिया लेकिन उपदेश के शोर मचाने पर गला दबा कर उसकी हत्या कर दी।
लॉकडाउन में काम नहीं था, हुआ कर्ज, इसलिए की किडनैपिंग
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि आरोपी वाहिद ने पूछताछ में बताया कि वह ट्रक चलाता है। लॉकडाउन में काम नहीं मिला था। पत्नी बीमार थी। इलाज में जमा पूंजी खर्च हो गई। इससे कर्ज हो गया था। इसलिए रुपयों की जरूरत थी। रघुनाथ सिंह के घर में वाहिद का आना-जाना था। आरोपियों को उम्मीद थी कि अपहरण के बाद फिरौती के दस लाख रुपये मिल जाएंगे।
थाना प्रभारी सलीम की भूमिका की हो रही जांच
उधर , जानकारी मिली है कि इस मामले में सीएम योगी ने गंभीरता दिखाई है और आगरा पुलिस को घटना की तह तक जाने और इस घटना के हर अपराधी के खिलाफ तगड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। आरोपियों को बचाने के आरोपी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सलीम को भूमिका की गहन जांच करने के भी निर्देश भी सीएम ने दिए हैं।