बिहार डीजीपी के बाद अब राजस्थान डीजीपी ने भी दे दिया इस्तीफा,



  • राजस्थान पॉलिटिकल क्राइसेस में कुछ दिनों पहले थे चिट्ठी लिखकर थे चर्चा में

  • पुलिस महानिदेशक डॉ.भूपेंद्र सिंह यादव ने सरकार से किया वीआरएस के लिए आवेदन

  • डीजीपी यादव ने किया था 20 नवंबर से वीआरएस के लिए किया आवेदन

  • मीडिया के पूछने पर नहीं बताई वीआरएस की वजह


जयपुर। बिहार में जहां पिछले दो दिन से पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे  के वीआरएस को लेकर चर्चा हो रही हो, लेकिन इसी बीच भारतीय पुलिस सेवा से जुड़े एक और नाम ने राजस्थान में वीआरएस लेकर खलबली मचा दी है। जी हां अब राजस्थान के डीजीपी डॉ. भूपेन्द्र यादव ने भी अपने पद से इस्तीफा देने की पुष्टि हो गई है। मिली जानकारी के अनुसार अपनी बेदाग छवि के पहचान रखने वाले डीजीपी भूपेन्द्र सिंह के वीआरएस को लेकर भी कई मायने निकाले जा रहे हैं। हालांकि भूपेन्द्र सिंह ने एक मीडियाहाउस से बात करते हुए इस मामले में कोई भी टिप्पणी ना करने का फैसला लिया है।
सात माह पहले ही मांगा वीआरएस
मिली जानकारी के अनुसार डॉ. भूपेन्द्र सिंह ने सरकार ने पिछले साल अगस्त में एक जुलाई से यादव को दो साल के लिए डीजीपी के पद पर नियुक्त किया था। इस हिसाब से उनका कार्यकाल 30 जून 2021 तक है। लेकिन, यादव ने आगामी 20 नवंबर से ही वीआरएस के लिए आवेदन कर दिया है। यानी वे अब 30 नवम्बर तक ही इस पद पर रहेंगे। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने दस दिन पहले ही आवेदन कर दिया था।
राज्य सरकार भेजेगी नाम
भूपेन्द्र सिंह से इस्तीफे के बाद अब राज्य सरकार ने नए डीजीपी को लेकर दौड़ तेज कर दी है। सरकार की ओर से 7 सीनियर आईपीएस अफसरों का पैनल यूपीएससी को भेजने के लिए उनकी सहमति पत्र और बायोडाटा भी मांगा है। इन्हीं में से तीन के नाम वापस राज्य सरकार के पास भेजे जाएंगे, जिसके बाद एक नाम पर सहमति बनने के बाद उन्हें डीजीपी बनाया जाएगा।
इन नामों को लेकर चर्चा
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नए नामों में अगले साल जून में रिटायर्ड होने वाले डीजी होमगार्ड राजीव दासोत, आठ महीने बाद मई 2021 में रिटायर होने वाले डीजी क्राइम एमएल लाठर और दिसंबर 2022 में रिटायर होने वाले डीजी जेल बीएल सोनी के नाम सबसे आगे हैं। नियमों के अनुसार सरकार 1990 बैच तक के अफसरों के नाम ही यूपीएससी को भेज सकती है, जिनका कार्यकाल कम से कम छह महीने का बचा हो। नए डीजीपी को लेकर सबसे ज्यादा संभावना बीएल सोनी को लेकर की जा रही है। ऐसा इसलिए भी है कि अगर सरकार ने नाम भेजने में देरी की, तो बीएल सोनी बड़े दावेदार के रूप में पेश होंगे। वहीं यह भी जानकारी मिल रही है कि सरकार डीजीपी भूपेंद्र को कोई0 बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है। इसमें मुख्य सूचना आयुक्त पद पर सबसे ज्यादा चर्चा है।
वीआरएस को लेकर कई चर्चा
यह जानकारी मिल रही है कि राजस्थान सियासी संकट के बाद डीजीपी भूपेन्द्र यादव को कई जगह से आलोचना का भी सामना करना पड़ रहा है। चर्चा यह भी है कि कोई इनको हटाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट न चला जाए, इसलिए उनसे यह आवेदन करवाया गया है। ताकि कोई विवाद न रहे और सरकार उन्हें कोई नई जिम्मेदारी दे सके। यादव के लिए आरपीएससी चेयरमैन, मुख्य सूचना आयुक्त और पुलिस यूनिवर्सिटी के वीसी जैसे पदों के रास्ते खुले हैं।
चिट्ठी लिखकर आए थे चर्चा में
आपको बता दें कि कुछ महीनों पहले प्रदेश में हुए सबसे बड़े सियासी घमासान में डीजीपी भूपेन्द्र यादव भी काफी सक्रिय दिखाई दिए थे। हरियाणा के मानेसर के रिसोर्ट में रूके विधायकों से पूछताछ करने गई एसओजी की टीम भूपेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में ही काम कर रही थी। यहीं वजह थी कि इस दौरान जब हरियाणा में राजस्थान एसओजी को रोका गया, तो यादव ने हरियाणा डीजीपी और दिल्ली पुलिस कमिश्ननर को एसओजी का सहयोग करने के लिए चिट्ठी लिखी थी।