दिल्‍ली की किन्नर गुरु बनने वाली थीं एकता जोशी, इसी वजह से सुपारी देकर कराया गया मर्डर?



  • किन्नर गुटों के बीच आपसी वर्चस्व की जंग में हत्या होने का शक

  • हत्या से पहले झगड़ा होने की बात आई सामने, दी गई थी धमकी

  • पुलिस को शक, साथी किन्‍नरों को पता है पूरी बात मगर बता नहीं रहे


नई दिल्ली ब्यूरो। जीटीबी एनक्लेव में शनिवार रात हुई किन्नर एकता जोशी हत्याकांड में पुलिस अभी हत्यारों तक नहीं पहुंच सकी है। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि सुपारी देकर हत्याकांड को अंजाम दिया गया है। एकता के साथ कार से उतरे बाकी लोगों को खरोंच तक नहीं आई। लिहाजा पुलिस यह मानकर चल रही है कि एकता ही बदमाशों का टारगेट थीं।किसी रंजिश और दुश्मनी को लेकर अभी किन्नरों की तरफ से खुलकर पुलिस को कुछ नहीं बताया गया है। हालांकि उन्होंने पुलिस अफसरों को भरोसा दिया है कि वो मिलकर सारी बात बताएंगे। 
किन्‍नर समाज में था एकता का रुतबा
जांच में जुड़े अफसरों ने बताया कि जीटीबी एनक्लेव जनता फ्लैट्स में किन्नरों का यह ग्रुप दस साल से ज्यादा समय से रह रहा है। यहां डीडीए ने एक कंपाउंड में 6 फ्लैट्स बना रखे हैं। किन्नरों ने ये सभी फ्लैट्स खरीदकर पूरे कंपाउंड को बड़ी बिल्डिंग में तब्दील कर लिया। गुरुवार को इस बिल्डिंग को लेकर एक समारोह रखा गया था, जिसमें दिल्ली-एनसीआर के किन्नर शामिल हुए थे। इस इलाके की गुरु अनीता जोशी है, जिन्होंने एकता को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया था। इसलिए पैसे के लेन-देन का सारा हिसाब एकता ही रखती थीं। किन्नर समाज में एकता का रुतबा बन चुका था। वह पूरी दिल्ली की गुरु बनने की रेस में शामिल हो गई थी।
दूसरे ग्रुप ने दी थी देख लेने की धमकी
एकता के करीबियों ने बताया कि शनिवार सुबह नंद नगरी 212 बस स्टैंड पर जनता फ्लैट्स के किन्नर ग्रुप का दूसरे किन्नरों के ग्रुप से विवाद हुआ था। दूसरा ग्रुप हल्का पड़ गया था, जिसने रात को देख लेने की धमकी दी थी। इसलिए आशंका है कि इस हत्याकांड को आपसी रंजिश के तहत अंजाम दिया गया है। पुलिस के आला अफसर भी मान रहे हैं कि एकता के साथी किन्नरों को वारदात के बारे में पूरी जानकारी है, लेकिन वो जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने वादा किया है कि अफसरों से मिलकर सारी सचाई बयां कर दी जाएगी।
सहमा है एकता का परिवार
सूत्रों ने बताया कि एकता को खतरे का आभास था, इसलिए वह पुलिस से बात करना चाहती थी। लेकिन उससे पहले हत्या हो गई। सीसीटीवी कैमरों में वारदात कैद हुई है। पुलिस इसके आधार पर बदमाशो की शिनाख्त में जुट गई है। मूल रूप से उत्तराखंड के पौड़ी गढवाल की रहने वाली एकता के पिता दिल्ली के पूसा इंस्टिट्यूट में जॉब करते हैं, जबकि मां और भाई गांव में रहते हैं। एकता ने भाई के बच्चों को अपने पास रखा हुआ था। वह अपने गांव और परिवार के संपर्क में रहती थीं। इस दर्दनाक हत्याकांड से उनका परिवार सहमा हुआ है।