गाजियाबाद में चेकिंग के बहाने के गाड़ी रोककर लोगों को लूटने में डायल 112 का कॉन्स्टेबल गिरफ्तार


गाजियाबाद ब्यूरो। यूपी पुलिस डायल 112 के कॉन्स्टेबल को लूट गैंग के लोगों की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। कॉन्स्टेबल पर वाहन चेकिंग के बहाने के गाड़ी रोककर एनएच9 पर लोगों को लूट का शिकार बनवाता था। कॉन्स्टेबल प्रवीण कुमार को उसके साथियों विनय दीपक, प्रदीप, हिमांशु, रोशन और कुणाल के साथ गिरफ्तार किया गया है। सभी गाजियाबाद के रहने वाले हैं। पुलिस ने बताया कि कॉन्स्टेबल वाहन चेकिंग के नाम पर एनएच 9 पर गाड़ियों को रोकता था जिनके पास गाड़ी के कागजात नहीं होते थे उन्हें 'सेटलमेंट' के लिए गाड़ी से उतरवाकर 100 मीटर की दूरी पर ले जाता था। इतने में लूट गैंग के सदस्य कार से कीमती चीजों को चुराकर फरार हो जाते थे। लूट के तरीके के बारे में तब खुलासा हुआ जब एक पीड़ित ने विजय नगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।
ऑनलाइन फॉर्मेसी से जुड़े शख्स को बनाया शिकार
विजय नगर थाने के एसएचओ देवेंद्र बिष्ट ने बताया कि 9 सितंबर को कॉन्स्टेबल ने राजेश नाम के शख्स की गाड़ी रुकवाई। ऑनलाइन फॉर्मेसी से जुड़े राजेश डिलिवरी के लिए गुरुग्राम जा रहे थे। बिष्ट ने बताया, 'शाम करीब 7 बजे, प्रवीण ने चेकिंग के नाम पर राजेश की गाड़ी रुकवाई और पेपर दिखाने को कहा।'
एसएचओ ने बताया कि पीड़ित ने अपनी कंपनी का आईडी कार्ड दिखाया लेकिन प्रवीण नहीं माना। प्रवीण ने कहा कि वह हाई स्पीड पर गाड़ी चला रहा था इसलिए चालान काटा जाएगा। इसके बाद कॉन्स्टेबल कार में बैठकर पीड़ित को विजय नगर बाइपास के पास करीब 200 मीटर दूर ले गया।
4 से 5 लाख रुपये की दवाई लूटीं
इसके बाद प्रवीण ने कार से बाहर आकर राजेश को भी बाहर आने को कहा। कॉन्स्टेबल ने राजेश से मामले को रफा-दफा करने के लिए रिश्वत मांगी। इसके बाद प्रवीण के साथी कार के पास पहुंचे और 4 से 5 लाख की दवाई चुराकर फरार हो गए। इसके बाद कॉन्स्टेबल ने राजेश को जाने दिया और खुद भी वहां से चला गया।
न्यायिक हिरासत में भेजा गया
पूछताछ के दौरान प्रवीण ने पुलिस को बताया कि गैंग को सूचित करने के बाद वह और उसके साथी इसी तरह से लूट को अंजाम देते आए हैं और खासकर उन लोगों को निशाना बनाते हैं जो अकेले सफर कर रहे होते हैं। प्रवीण को डायल 112 से उसकी ड्यूटी से हटा दिया गया। सभी आरोपियों के खिलाफ सेक्शन 379 के तहत मामला दर्ज करके न्यायिक हिरासत में भेजा गया।