गाजियाबाद में दलित छात्रावास को डिटेंशन सेंटर बनाए जाने का निर्णय सरकार ने लिया वापस


गाजियाबाद ब्यूरो। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की नंदग्राम कॉलोनी में स्थित दलित छात्रावास को डिटेंशन सेंटर बनाए जाने के फैसले को सरकार ने वापस ले लिया है। यहां अवैध रूप से रह रहे 100 विदेशियों की क्षमता वाला डिटेंशन सेंटर बनाया जा रहा था। देश में यह 12वां डिटेंशन सेंटर बन रहा था, जिसे खुली जेल के रूप में तैयार किया गया था। बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने सरकार के इस कदम का विरोध किया था। अवैध रूप से रह रहे विदेशियों के लिए डिटेंशन सेंटर बनाए जाने की प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली थी। अक्टूबर ने इसके शुरू होने की संभावना भी बताई जा रही थी लेकिन इस छात्रावास में रह रहे दलित छात्र छात्राओं ने भी इसका विरोध किया। वहीं इसकी जानकारी बसपा सुप्रीमो मायावती को मिली, जिन्होंने ट्वीट कर इस पर आपत्ति जताई और इसे दलित विरोधी बताया। साथ ही इसे डिटेंशन सेंटर ना बनाए जाने की मांग की गई। दलित छात्र छात्राओं के लिए बनाए गए थे दो छात्रावास गाजियाबाद के नंद ग्राम में 2011 में दलित छात्र छात्राओं के लिए अलग-अलग दो अंबेडकर छात्रावास प्रशासन द्वारा बनाए गए थे। दोनों छात्रावास की क्षमता 408 छात्र-छात्राओं की है। इसकी शुरुआत 15 जनवरी 2011 को की गई थी और यह छात्रावास पूरी सुविधाओं से लैस बनाया गया था। लेकिन काफी समय से छात्रावास बंद था। एक छात्रावास में ही कुछ छात्र छात्राएं रह रहे हैं और इसकी हालत भी बेहद जर्जर हो चुकी थी।
योगी सरकार के आने के बाद बंद पड़े छात्रावास की सुध ली गई और इसको डिटेंशन सेंटर बनाए जाने का प्रस्ताव रखा गया। जिसे केंद्र सरकार द्वारा स्वीकार करते हुए इस छात्रावास को डिटेंशन सेंटर में तब्दील करने की घोषणा की गई। प्रदेश सरकार के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार द्वारा जारी बजट पर इसकी मरम्मत कराई गई और सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए एक मेरठ की एजेंसी को ठेका भी दिया गया। लगभग यह पूरा कार्य हो चुका था और अक्टूबर में इसकी शुरुआत होने की संभावना जताई जा रही थी। लेकिन अब अचानक ही सरकार ने छात्रावास को डिटेंशन सेंटर ना बनाए जाने का निर्णय लिया है। गाजियाबाद के जिला अधिकारी अजय शंकर पांडेय ने बताया कि सरकार द्वारा नंद ग्राम स्थित छात्रावास को पहले डिटेंशन सेंटर बनाए जाने की घोषणा की गई थी। जिस पर कार्य प्रारंभ कर दिया गया था। लेकिन अब सरकार ने इस छात्रावास को डिटेंशन सेंटर ना बनाए जाने का निर्णय लिया है और अब छात्रावास में डिटेंशन सेंटर नहीं बनाया जाएगा। इस छात्रावास में अब SC-ST छात्र छात्राओं के लिए छात्रावास ही संचालित होगा।