गाजियाबाद में फीस माफी के लिए भूख हड़ताल करने वाले पैरंट्स पर धारा 144 के तहत केस दर्ज


गाजियाबाद ब्यूरो। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में पेरेंट्स एसोसिएशन और कुछ अभिभावक लॉकडाउन के दौरान की फीस माफ करने और ऑनलाइन क्लास की फीस निर्धारित करने की मांग को लेकर पिछले 8 दिन से जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल बैठे हुए थे। अभिभावकों का आरोप है कि जिला प्रशासन लगातार इनकी अनदेखी कर रहा है और शुरू से ही प्रयास यह किया जा रहा है कि किसी भी तरह से यहां भूख हड़ताल पर बैठे लोगों को हटा दिया जाए। बुधवार को आठवें दिन अचानक ही एडीएम सिटी शैलेंद्र प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे और वहां भूख हड़ताल पर बैठे सभी अभिभावक और पेरेंट्स एसोसिएशन के सदस्यों को यह कहकर उठा दिया गया कि मंगलवार को जो सीओ द्वितीय ज्ञापन लेने के वक्त यहां आए हुए थे। वह कोविड-19 संक्रमित पाए गए हैं। इसलिए यहां बैठे सभी लोगों को होम आइसोलेशन में रखा जाएगा। सभी की जांच कराई जाएगी।
ठोस आश्वासन ना मिलने पर भूख हड़ताल जारी
पैरेंट्स एसोसिएशन के सदस्यों और अभिभावकों द्वारा पिछले काफी समय से यह मांग की जा रही थी कि लॉकडाउन के दौरान बहुत से लोगों की नौकरी चली गई है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग खराब आर्थिक स्थिति से जूझ रहे हैं। इसलिए इनकी मांग है कि लॉकडाउन के दौरान की फीस माफ की जाए और ऑनलाइन क्लास की फीस भी निर्धारित की जाए। इनकी यह मांग नहीं मानी गई तो पैरेंट्स एसोसिएशन के सदस्य और कुछ अभिभावक प्रशासन को चेतावनी देने के बाद आठ दिन पहले जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल पर बैठ गए थे। मंगलवार को जिलाधिकारी धरना स्थल पर इनका ज्ञापन लेने पहुंचे लेकिन इन्हें कोई ठोस आश्वासन न मिलने के कारण सभी अपनी बात पर अडिग रहे और बुधवार को सुबह एडीएम सिटी धरना स्थल पहुंचे और इन सभी को वहां से उठा दिया गया। भूख हड़ताल पर बैठे लोगों का आरोप है कि इन्हें साजिश के तहत उठाया गया है।
धारा 144 का उल्लंघन करने पर मुकदमा दर्ज
एडीएम सिटी शैलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर पिछले 8 दिन से पेरेंट्स एसोसिएशन और स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के कुछ अभिभावक भूख हड़ताल पर बैठे हुए थे। मंगलवार को ज्ञापन लेने पहुंचे जिलाधिकारी के साथ सीओ सेकेंड भी मौके पर पहुंचे थे। सीओ सेकेंड कोविड-19 संक्रमित पाए गए हैं। इसलिए गंभीर बीमारी को देखते हुए यहां बैठे सभी लोगों को उठाया गया है और सावधानी के तौर पर इस पूरे इलाके को सेनेटाइज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इन सभी लोगों को होम आइसोलेशन की सलाह दी जा रही है,और वहीं से इन सभी की जांच कराई जाएगी। इसके अलावा जितने भी लोग यहां बैठे थे। उन सबके खिलाफ धारा 144 के अंतर्गत 188 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है, क्योंकि शहर में धारा 144 लगी हुई है उसके बावजूद भी यह लोग धरने पर बैठे गए।