गाजियाबाद में रैपिड रेल के स्टेशनों का बाहरी डिजाइन तैयार, मंजूरी भी मिली


गाजियाबाद ब्यूरो। दिल्ली से मेरठ के बीच चलने वाली रैपिड रेल का काम शुरू हो गया है। नैशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) के मुताबिक, यह प्रॉजेक्ट न सिर्फ देखने में सुंदर होगा, बल्कि पर्यावरण को भी इससे नुकसान नहीं होगा। इस प्रॉजेक्ट को लेकर योजना बनाई गई है कि रेल नेटवर्क के तहत आने वाले सभी स्टेशन पूरी तरह थ्रीडी होंगे। इनका आउटर डिजाइन इंजिनियरों ने तैयार कर लिया है। इसे मंजूरी भी मिल चुकी है। रैपिड रेल के स्टेशन की छत देखने में छोटे-छोटे पिरामिड की तरह होगी। यहां 100 फीसदी रोशनी सूरज की किरणों से होगी। सभी स्टेशनों को पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए बनाने का फैसला लिया गया है। बिजली सप्लाई के लिए सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इनका मकसद कम से कम बिजली का इस्तेमाल करना है। रैपिड रेल के सीपीआरओ सुधीर कुमार शर्मा ने एनबीटी को बताया कि स्टेशन का डिजाइन मॉड्यूलर होगा और कम जगह पर बनाया जा रहा है। 
महिलाओं के लिए होंगे अलग कोच
रैपिड रेल में महिलाओं के लिए मेट्रो की तरह अलग कोच होंगे। एक बिजनेस कोच भी होगा। इस प्रॉजेक्ट का मकसद सड़क पर गाड़ियों की संख्या कम करना है। बिजनेस कोच में अन्य कोच से अलग और बेहतर सुविधाएं मौजूद होंगी।
रैपिड रेल की कुछ और खासियत
- ट्रेन में यात्रियों के खड़े होने के लिए अलग सुविधा होगी।
-ट्रेन की औसत गति 100 किमी प्रति घंटा रहेगी।
-कोच के अंदर बैठने वाली सीटें शताब्दी एक्सप्रेस जैसी होंगी।
-बुजुर्गों और दिव्यांगों के बैठने के लिए सीटें आरक्षित होंगी।
-ट्रेन में वीलचेयर भी मौजूद रहेंगी।
-सभी ट्रेनों में हवा के घर्षण और बाहर की आवाज कम करने के लिए स्वचालित प्लग इन गेट लगेंगे।
-ट्रेन के कोच गुजरात में तैयार किए जा रहे हैं।