हाथरस की गैंगरेप पीड़िता हारी जिंदगी की जंग, दिल्ली के एम्स में हुई मौत



  • उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में हुई थी बेटी के साथ गैंगरेप की वारदात

  • गैंगरेप के बाद आरोपियों ने काट दी थी जुबान, तोड़ी थी रीढ़ की हड्डी

  • घटना के नौ दिन बाद आया था बेटी को होश तो बताई थी आपबीती

  • सोमवार को अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज से दिल्ली हुई थी रिफर

  • पुलिस ने गैंगरेप की घटना पर दर्ज किया था छेड़खानी का मुकदमा


हाथरस। यूपी के हाथरस में हैवानियत का शिकार हुई दलित गुड़िया जिंदगी से जंग हार गई। हैवानों ने गैंगरेप के बाद उसकी जीभ भी काट दी थी। उसकी रीढ़ की हड्डी तोड़ दी गई थी। वारदात के बाद वह एक हफ्ते से ज्यादा बेहोश रही थी। सोमवार को ही हालत खराब होने के बाद किशोरी को एम्स दिल्ली ले जाया गया था। मंगलवार की सुबह लगभग चार बजे उसने दम तोड़ दिया। मेडिकल परीक्षण में पता चला था कि युवकों ने गैंगरेप के बाद पीड़िता की रीढ़ की हड्डी को तोड़ डाला था। पुलिस ने छेड़खानी के आरोप में इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी। 21 सितंबर को किशोरी के होश में आने के बाद किए गए डॉक्टरी परीक्षण के दौरान मेडिकल रिपोर्ट में गैंगरेप की पुष्टि हुई। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। पीड़िता ने होश में आने पर यह भी बताया था कि आरोपियों ने उसकी जीभ काट दी थी, जिससे वह लोगों को घटना के बारे में ना बता सके।
14 सितंबर को रेप का आरोप
हाथरस के थाना चंदपा इलाके के गांव में 14 सितंबर को चार दबंग युवकों ने 19 साल की दलित लड़की के साथ बाजरे के खेत में गैंगरेप किया था। इस मामले में पुलिस ने लापरवाही भरा रवैया अपनाया। रेप की धाराओं में केस ना दर्ज करते हुए छेड़खानी के आरोप में एक युवक को हिरासत में लिया। इसके बाद उसके खिलाफ धारा 307 (हत्या की कोशिश) में मुकदमा दर्ज किया गया था।
9 दिन बाद होश में आई पीड़िता
घटना के 9 दिन बीत जाने के बाद पीड़िता होश में आई तो अपने साथ हुई आपबीती अपने परिजनों को बताई। जब पीड़िता का डॉक्टरी परीक्षण हुआ तो इसमें गैंगरेप की पुष्टि होने के बाद हाथरस पुलिस ने तीन युवकों को गिरफ्तार किया। बाद में एक और आरोपी को अरेस्ट किया गया था।
यूपी सरकार ने की 10 लाख रुपये मदद की घोषणा
वहीं इस मामले में यूपी सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा है कि जो घटना है वो बेहद दुखद है। हमारे मुख्यमंत्री जी भी बहुत दुखी हैं। पूरी सरकार उस परिवार के साथ संवदेना प्रकट कर रही है। लेकिन जब यह घटना हुई तो पीड़िता के भाई जब पुलिस स्टेशन गए तो कार्रवाई तुरंत हुई। चार लोगों को पुलिस ने पकड़ा है। सरकार कानून के तहत कड़ी कार्रवाई करेगी। सरकार की तरफ से इसे मुआवजा नहीं कहना चाहिए पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये की मदद दी जा रही है। परिवार वाले चाहते हैं कि सरकार की तरफ से सफदरगंज अस्पताल से बॉडी जल्द दिलवा दें तो सरकार उस दिशा में काम कर रही है। सरकार अपनी तरफ से हर संभव मदद कर रही है। मामले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, मामले में कठोर कार्रवाई होगी।