जयपुर ब्लास्ट के गुनहगारों को सजा देने वाले रिटायर्ड जज को सता रहा जान का खतरा, डीजीपी से लगाई गुहार



  • जयपुर ब्लास्ट मामले में गुहनगारों को जज ने सुनाई थी मौत की सजा

  • जज को सता रहा है जान का खतरा

  • डीजीपी को लिखा जज अजय कुमार शर्मा ने खत

  • खत में दी जानकारी कि घर के बाहर संदिग्ध लगा रहे लगातार चक्कर


जयपुर। अभी पिछले कुछ महीने पहले ही प्रदेशवासियों ने जयपुर ब्लास्ट की 12 वीं बरसी मनाकर जान गंवाने वाले लोगों को याद किया था। वहीं अब इसी से जुड़ी चौंकाने वाली खबर सामने आई है। खबर यह है कि जयपुर ब्लास्ट में चार खूंखार आतंकवादियों को मौत की सजा वाले जज अजय कुमार शर्मा को अब जान का खतरा सता रहा है। सेवानिवृत्त न्यायाधीश अजय कुमार शर्मा ने इस संबंध में डीजीपी को खत भी लिखा है जिसमें उन्होंने सुरक्षा की गुहार लगाई है।
खींची जा रही है घर की फोटो, फेंकी जा रही शराब की बोतल
रिटायर्ड जज ने पत्र में लिखा है कि 31 जनवरी को रिटायर्ड हो चुके हैं। पिछले कुछ दिनों से उनके घर के बाहर संदिग्ध गतिविधियां हो रही हैं । कुछ लोग मोटर साईकिल पर उनके घर के बाहर चक्कर काटते हैं और कई बार इन लोगों ने मोबाइल से फोटो भी खीचे हैं। हालांकि फिलहाल उन्हें पांच पुलिसकर्मी और दो पीएसओ मिले हुए हैं। लेकिन उन्हें सूचना मिली है कि पुलिस लाइन के अधिकारी उनके गार्ड और पीएसओ को हटा रहे हैं।
दिया न्यायाधीश गंजू केस का हवाला
पूर्व न्यायाधीश ने चिंता जताई हुए कहा कि पूर्व में न्यायाधीश नीलकण्ड गंजू ने वर्ष 1984 को आतंकी मकबूल भट्ट को मौत की सजा सुनाई थी, जिसके चलते आतंकवादियों ने 2 अक्टूबर 1989 को गंजू को सरेआम मार दिया था। ऐसे में मेरी और मेरे परिवार की सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है। वहीं गुप्तचर विभाग की रिपोर्ट से भी प्रतीत होता है कि आतंकवादी अपने साथियों को दी गई सजा का बदला ले सकते हैं।