कानपुर में रखीं 5 जिंदा मिसाइलें, 70 बम, बेरूत धमाके के बाद जागा प्रशासन, रक्षा मंत्रालय को लिखी चिट्ठी


कानपुर ब्यूरो। पिछले महीने बेरूत में हुए धमाके से पूरा शहर तबाह हो गया था। बेरूत बम धमाके के बाद कानपुर जिला प्रशासन की नींद टूटी है। दरअसल, कानपुर में 15 साल पहले यूएई से आए स्क्रैप में 5 जिंदा मिसाइलें, 70 मिस फायर बम और 80 खाली सेल आ गए थे। इन्हें जूही यार्ड के इनलैंड कंटेनर डिपो में रखवा दिया गया था। इसके बाद इन्हे डिफ्यूज कराने का प्रयास नहीं किया गया। जिला प्रशासन ने इसे संज्ञान में लेते हुए, अपर मुख्य सचिव को विस्फोटक के संबंध में अवगत कराया है। इन विस्फोटकों को डिफ्यूज कराने के लिए अपर मुख्य सचिव ने रक्षा मंत्रालय को पत्र लिखा है। सन 2005 में मेसर्स स्टील कंपनी ने संयुक्त अरब अमीरात से मेटल स्क्रैप की एक बड़ी खेप मंगाई थी। स्क्रैप को जूही यार्ड के इनलैंड कंटेनर डिपो में उतारा गया था। स्क्रैप को उतारते वक्त विस्फोटक निकलने से हड़कंप मच गया था। उस वक्त यह माना गया था कि धोखे से स्क्रैप के साथ मिसाइल, मिस फायर बम और सेल आ गए होंगे। इन विस्फोटकों को डिफ्यूज कराने की बात कहकर कंटेनर में रख दिया गया था। 15 साल से कंटेनर डिपो में ही रखा है।
बम स्क्वॉड टीम ने डिफ्यूज करने से किया मना
लोकल स्तर पर बम स्क्वॉड की टीम ने मिसाइल और मिस फायर बमों को डिफ्यूज करने से इनकार कर दिया है। इन मिसाइलों और बम को डिफ्यूज करने के लिए एक्सपर्ट टीम की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सेना के साथ रहने वाली एक्सपर्ट टीम ही डिफ्यूज कर सकती है।
लापरवाही से हो सकता है बड़ा हादसा
जिला प्रशासन भी इनलैंड कंटेनर डिपो में रखे विस्फोटकों को डिफ्यूज कराने में लापरवाही नहीं बरतना चाहता है। बम को डिफ्यूज करने के दौरान कुछ भी हो सकता है। इस काम के लिए एक्सपर्ट डिस्पोजल टीम की जरूरत है, जो सुरक्षित तरीके से विस्फोटकों को डिफ्यूज कर सके। डीएम आलोक तिवारी के मुताबिक, स्क्रैप डीलर ने मेटल स्क्रैप मंगाया था, इसमें कुछ विस्फोटक सामग्री भी आ गई थी। इसके डिस्पोजल के लिए हम लोगों ने रिक्वेस्ट किया है। अपर मुख्य सचिव के स्तर से भारत सरकार रक्षा मंत्रालय को चिट्ठी लिखी गई है। विस्फोटक को डिफ्यूज करने के लिए एक्सपर्ट टीम चाहिए। इसके लिए अपर मुख्य सचिव की ओर से अगस्त में चिट्ठी लिखी गई। रक्षा मंत्रालय एक्सपर्ट मैन पावर दे सकती है, जिससे इसे सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज किया जा सके।
'संसाधन और क्षमता की जरूरत'
डीएम ने कहा कि यह बहुत चिंता का विषय है कि इस तरह की विस्फोटक सामग्री हमारे जिले में रखी है। लोकल स्तर पर बम स्क्वॉड के पास एक्सपर्ट टीम नहीं है, जो इसे सुरक्षित ढंग से डिस्पोज कर सके। स्क्रैप के साथ वहां पर यह समझना पड़ेगा कि यह कितना गंभीर है, कितना खतरनाक है, इसकी क्षमता कितनी है। कहीं डिस्पोज करने वाली टीम की जान खतरे में न पड़ जाए, यह बुद्धिमानी नहीं है। इस मामले को बहुत ही गंभीरता से लिया जा रहा है। आप समझ सकते है कि अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखा जा रहा है। रक्षा मंत्रालय से रिक्वेस्ट की जा रही है। इसके लिए संसाधन और क्षमता की जरूरत है।