कानपुर में संजीत यादव जैसा हत्याकांड! शव को बोरे में भरकर पानी से भरे गड्ढे में फेंका


कानपुर ब्यूरो। कानपुर के संजीत यादव अपहरण हत्याकांड में घिरी पुलिस फिर कठघरे में है। संजीत हत्याकांड की तरह इस बार भी पुलिस पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। 4 सितंबर को लापता हुए सुनील की भी हत्या कर दी गई। परिजनों ने पहले ही आशंका जताई थी कि संजीत जैसा हाल सुनील का भी न हो, इसलिए पुलिस को जो करना है, जल्दी करे। सुनील चार सितंबर को लापता हुआ था। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने उसी दिन सुनील की हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को बोरे में भरकर स्कूटी से ले गए और ओरछी गांव के पास पानी से भरे गड्ढे में फेंक दिया था। बर्रा थाना क्षेत्र स्थिति बर्रा में रहने वाले सुनील ठेकेदारी का काम करता था। परिवार में पत्नी उर्मिला और बेटी अदिति के साथ रहते थे। सुनील यादव ने अपना एक घर मोहल्ले के रहने वाले सोनू विश्वकर्मा को किराए पर दिया था। सोनू विश्वकर्मा फैब्रिकेटिंग का काम करता है और वो उस घर में व्यापार का सामान रखता था। सुनील घर खाली करने के लिए सोनू विश्वकर्मा पर दबाव बना रहे थे लेकिन सोनू तैयार नहीं था। दअरसल सुनील उससे घर खाली कराकर बेचना चाहता था। सोनू विश्वकर्मा ने बीते 4 सितंबर की दोपहर 12 बजे सुनील को फोन करके कहा था कि घर खाली कर रहा हूं, आकर चाबी ले जाओ। सुनील चाबी लेने के लिए घर से निकले थे, इसके बाद दोबारा नहीं लौटे। परिजन देररात तक सुनील की तलाश करते रहे, लेकिन उनका कहीं कुछ पता नहीं लगा। परिजनों ने 5 सितंबर को बर्रा थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 
सगे भाइयों ने दिया वारदात को अंजाम
सुनील जब सोनू से चाबी लेने के लिए घर पहुंचे तो सोनू ने अपने भाई मोनू के साथ मिलकर सुनील को दबोच लिया और हत्या कर दी। दोनों भाइयों ने सुनील के हाथ-पैर रस्सी से बांधकर बोरे में भर दिया। इसके बाद बोरे को जूट की रस्सी से चारों तरफ लपेट दिया। किसी को शक न हो इसलिए स्कूटी से दोनों भाई सुनसान रास्ते से होते हुए बिधनू थाना क्षेत्र स्थित ओरछी गांव पहुंचे और सड़क किनारे पानी से भरे गड्ढे में शव फेंक दिया था। हत्यारों ने सुनील के कपड़े और चप्पल एक बोरी में भरकर बर्रा चार स्थित एक नाले में फेंक दिया था।
मोबाइल को एक सवारी वैन में फेंककर किया भ्रमित
सुनील का शव ठिकाने लगाने के बाद सोनू और मोनू ने मृतक के मोबाइल को नौबस्ता बाईपास से घाटमपुर की तरफ जाने वाली एक सवारी वैन में फेंक दिया था। ताकि पुलिस का ध्यान उस मोबाइल की लोकेशन की तरफ चला जाए। हत्यारे अपनी रणनीति में कामयाब भी हुए। पुलिस ने गुमशुदगी की तहरीर पर अपनी जांच शुरू की तो मोबाइल बरामदगी करने में उलझ गई। मोबाइल की लोकेशन घाटमपुर की बता रही थी।
ओरछी गांव से बरामद हुआ था अज्ञात शव
बिधनू पुलिस ने बीते 6 सितंबर को ओरछी गांव के पास से पानी से भरे गड्ढे में एक अज्ञात शव बरामद किया था। पुलिस ने शव को मॉर्चरी भेजा था। बरामद किया गया शव पानी में पूरी तरह से फूल गया था, शव पर कपड़े भी नहीं थे। बर्रा पुलिस सुनील के परिजनों को शव की शिनाख्त करने के लिए मॉर्चरी लेकर पहुंची थी, लेकिन शव पानी में फूल जाने के कारण परिजन शिनाख्त नहीं कर पाए। सुनील के परिजनों ने बीते 8 सितंबर को अपहरण की तहरीर दी थी। बर्रा पुलिस ने गुमशुदगी को अपहरण में तब्दील कर दिया था।
परिजनों ने जताई थी संजीत जैसे हत्याकांड की आशंका
सुनील यादव की पत्नी और बेटी ने सोनू विश्वकर्मा और उसके भाइयों पर हत्या का आरोप लगाया था। सुनील के परिजनों ने कहा था कि पुलिस को जो भी करना है, जल्दी करे, वर्ना हत्यारे जान से मार देंगे। पुलिस ने जिस प्रकार संजीत हत्याकांड में लापरवाही बरती थी, इस तरह की लापरवाही इस केस में न बरते।
बेटी मानने को तैयार नहीं कि अज्ञात शव पिता का
सुनील अपनी बेटी को सबसे ज्यादा प्यार करते थे। जिस दिन से सुनील लापता हुए हैं, अदिति का रो-रोकर बुरा हाल है। दिनरात वो पिता के घर लौटने का इंतजार करती है। अदिति का कहना है कि पुलिस ने जिस बॉडी को हमें दिखाया था, वो मेरे पापा की नहीं है। मेरे पापा हमें छोड़कर नहीं जा सकते हैं। बेटी की बातें सुनकर वहां लोग भी भावुक हो गए। सीओ विकास पांडेय के मुताबिक सुनील के मोबाइल की लोकेशन जहानाबाद और घाटमपुर बताई जा रही थी। हमारी टीम ने उस शख्स को भी खोज निकाला जिसके पास मोबाइल था। उसने बताया कि हमें कहां से मोबाइल मिला और कैसे मिला। इसके साथ ही सुनील के परिजनों ने सोनू और मोनू पर हत्या का आरोप लगाया था। दोनों ही भाई हमारी हिरासत में थे, इनसे भी तफ्तीश चल रही थी। सीओ ने बताया, 'हमने अपने मुखबिरों को क्षेत्र में ऐक्टिव किया था, तभी हमें जानकारी मिली कि सोनू और मोनू 4 सितंबर को स्कूटी में बारे में लेकर कुछ निकले थे। हमें इस सूचना पर शक हुआ तो दोनो भाइयों से सख्ती से पूछताछ की गई। इस दौरान सोनू टूट गया और उसने पूरा घटनाक्रम बताया कि कैसे वारदात को अंजाम दिया था।'