कोरोना पीड़ित बीजेपी पार्षद का मेसेज- 'मुझे मार डालने से बचा लीजिए',5 घंटे में हो गई मौत



  • यूपी के मुरादाबाद में बीजेपी नेता का मौत से पहले मेसेज वायरल

  • 8 सितंबर को टीएमयू कोविड सेंटर में इलाज के दौरान हुई थी मौत

  • मौत से पांच घंटे पहले मेसेज लिखा- मुझे मार डालने से बचा लीजिए

  • बीजेपी के महानगर अध्यक्ष को पार्षद राकेश खरे ने भेजा था मेसेज


मुरादाबाद। यूपी के मुरादाबाद में बीजेपी पार्षद की मौत के बाद टीमयू कोविड सेंटर सवालों के घेरे में है। बीजेपी के महानगर मंत्री और पार्षद राकेश खरे की 8 सितंबर को कोरोना से मौत हो गई थी। मौत से पांच घंटे पहलेराकेश खरे ने अस्पताल को कठघरे में खड़ा करते हुए एक मेसेज लिखा था। मेसेज भेजने के पांच घंटे के अंदर ही उनकी मौत होने से अस्पताल पर सवाल उठ रहे हैं। बीजेपी के महानगर मंत्री और पार्षद राकेश खरे ने अपनी मौत से पहले वॉट्सऐप पर पार्टी के महानगर अध्यक्ष धर्मेंद्र नाथ मिश्रा को एक मेसेज भेजा था। इसमें उन्होंने लिखा, 'अध्यक्ष जी यहां यह स्थिति है कि कोई डॉक्टर नहीं है। यह लोग अपना रिसर्च कर रहे हैं। मुझे अच्छे में ही मार डालेंगे। मुझे बचा लीजिए,आज की रात कठिन है।' लेकिन दुखद पहलू यह रहा कि बीजेपी पार्षद राकेश को बचाया नहीं जा सका। मेसेज भेजने के पांच घंटे बाद ही उनकी अस्पताल में सांसें धम गईं। मुरादाबाद के कटघर निवासी 40 वर्षीय राकेश खरे की तबीयत खराब होने के बाद उनको कॉसमास हॉस्पिटल ले जाया गया। यहां से उन्हें 29 अगस्त को टीएमयू में भर्ती कराया गया था, जहां कोरोना का उनका इलाज चल रहा था। राकेश के बड़े भाई राम बाबू खरे ने बताया कि आठ सितंबर को सुबह 7 बजे टीएमयू कोविड सेंटर में उनकी मौत हो गई। जब बच्चों ने राकेश का मोबाइल चेक किया तो देखा कि रात दो बजे मौत से पहले एक मेसेज बीजेपी महानगर अध्यक्ष धर्मेंद्र नाथ मिश्रा को किया गया है। घर में राकेश की पत्नी लक्ष्मी के अलावा एक बेटा (14) ओर एक बेटी (12) वर्षीय हैं। राम बाबू का आरोप है कि टीएमयू में गड़बड़ी हुई है, जिसकी जांच होनी चाहिए। राम बाबू ने बताया कि वह इसके लिए टीएमयू के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की भी मांग करेंगे। बीजेपी नेता धर्मेंद्र नाथ मिश्रा ने बताया, 'राकेश के निधन से मुझे बहुत दुख है। मेरे पास वॉट्सऐप मेसेज देर रात 2 बजे किया था। उनका सुबह निधन हो गया। उनके साथ मेरे घरेलू संबंध थे। मेसेज परिवार वालों को नहीं दिखाया था। वह ऐसी स्थिति में नही थे। हम सबने लगातार उनके लिए प्रयास किए। उनको दो बार प्लाज्मा दिया। डीएम साहब ने उनके लिए लगातार प्रयास किए। लेकिन वह बच नहीं सके। हम सब दुखी हैं।' कोविड सेंटर टीएमयू के प्रभारी वीके सिंह ने बताया, 'लापरवाही का कोई सवाल ही नहीं उठता है। रात भर हमारे पास जो बेस्ट पॉसिबल इलाज था वह किया गया था। प्लाज्मा भी दिया गया था। हमने पूरी कोशिश की। लेकिन वह बच नहीं सके। सरकार की गाइडलाइंस के हिसाब से ही इलाज दिया का रहा है।' बता दें कि टीएमयू कोविड सेंटर की छत से कई कोरोना मरीजों की खुदकुशी के मामले भी सामने आ चुके हैं।