महाराष्ट्र में रिपब्लिक टीवी चैनल की रिपोर्टिंग टीम अरेस्ट, चैनल ने बताया संवैधानिक अधिकारों पर हमला



  • महाराष्ट्र के रायगढ़ में रिपब्लिक टीवी के रिपोर्टर और कैमरामैन समेत तीन लोग अरेस्‍ट

  • आरोप है कि ये लोग मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के फॉर्म हाउस में गैरकानूनी तरीके से दाखिल हुए

  • इन लोगों ने सिक्यॉरिटी गॉर्ड के साथ धक्कामुक्की और गाली गलौज की

  • रिपब्लिक टीवी ने इसे मीडिया के अधिकारों का हनन बताया है


कांती जाधव,(मुंबई)। महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में रिपब्लिक टीवी के रिपोर्टर और कैमरामैन समेत तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इन तीनों पर आरोप है कि ये लोग मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के अलीबाग स्थित फॉर्म हाउस में गैरकानूनी तरीके से दाखिल हुए और सिक्यॉरिटी गॉर्ड के साथ धक्कामुक्की और गाली गलौज की। खालापुर पुलिस स्टेशन में तीनों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 452, 448,323, 504,506 और 34 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने तीनों को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया था।
रिपोर्टर ने पूछा-उद्धव ठाकरे का फॉर्म हाउस कहां है?
रायगढ़ पुलिस के मुताबिक, इस मामले ने की शुरुआत मंगवालर की शाम को हुई जब अलीबाग इलाके में रिपब्लिक टीवी के रिपोर्टर ने एक व्यक्ति (सिक्यॉरिटी गार्ड) से यह पूछा कि उद्धव ठाकरे का फॉर्म हाउस कहां पर है जिसपर उस व्यक्ति ने कहा मुझे नहीं पता है। इसके बाद सिक्यॉरिटी गार्ड अपने केबिन में चला गया। आरोप है कि कुछ देर बाद रिपब्लिक टीवी की टीम वहां पहुचंती है और सिक्यॉरिटी गार्ड को देखकर गुस्से में कहते हैं कि जब तुझे पता था तो झूठ क्यों बोला और गालियां देने लगे और बाद में सभी लोग चले गए।
सिक्यॉरिटी गार्ड ने की पुलिस ने शिकायत
इस घटना के बाद सिक्यॉरिटी गार्ड ने तुरंत इस बात की सूचना स्थानीय पुलिस को दी। पुलिस मामले मुख्यमंत्री से जुड़ा होने के चलते सर्च ऑपरेशन के जरिये रिपब्लिक टीवी की टीम को गिरफ्तार किया है। टीम में रिपोर्टर अनुज कुमार, कैमरामैन यशपाल जीत सिंह और ओला कैब का ड्राइवर दिलीप धनवड़े शामिल हैं। सिक्यॉरिटी गार्ड ने बताया कि तीन अनजान लोगों ने उद्धव ठाकरे के फॉर्म हाउस के बारे में पूछा था और बाद में उन्होंने गाली-गलौज और धक्कामुक्की भी की। पुलिस फिलहाल इस मामले की जांच कर रही है।
रिपब्लिक टीवी ने कहा- संवैधानिक अधिकारों पर हमला
महाराष्ट्र पुलिस की तरफ से गिरफ्तारी के बाद रिपब्लिक टीवी ने इसे मीडिया के अधिकारों का हनन बताया है। अपने स्टेटमेंट में रिपब्लिक टीवी ने कहा है कि महाराष्ट्र सरकार रिपोर्टिंग करने के अधिकार से रोक रही है। पुलिस हमारे स्टाफ से यह जानने में जुटी है कि हम क्या न्यूज कवर करने वहां गए थे और हमारा सूत्र कौन है। हमारी टीम यह कतई नहीं बताएगी, सरकार और पुलिस चाहे जितना भी दबाव बनाए।