मेड़ता का छोटी देवी हत्याकांड: न्याय की मांग को लेकर पैदल चल पड़ा परिवार, अपनाया अनूठा तरीका



  • नागौर जिले के मेड़ता सिटी में हुए छोटी देवी हत्याकांड के मामले में न्याय की मांग

  • न्याय के लिए विरोध-प्रदर्शन का अनूठा तरीका

  • वारदात में मारी गई वृद्ध महिला छोटी देवी का परिवार ने निकाला पैदल मार्च

  • मेड़ता से नागौर तक का 80 किलोमीटर का सफर पैदल किया तय


नागौर। देश में न्याय के लिए परिवार को कैसे - कैसे जतन करने पड़ते हैं। इसकी बानगी नागौर सिटी में देखने को मिली। यहां न्याय का इंतजार करते-करते थक चुके मेड़ता की छोटी देवी के परिवार ने आखिर पुलिस के खिलाफ बिगुल बजा दिया। इस परिवार ने हत्यारों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर अनूठे तरीके से विरोध-प्रदर्शन का सहारा लिया है।
70 दिनों में एक भी आरोपी नहीं आया गिरफ्त में
दरअसल मामला मेड़ता सिटी में 24 जून को हुए छोटी देवी हत्याकांड से जुड़ा है। इस मामले में पीड़ित परिवार ने हर तरह से कोशिश की, ताकि आरोपी गिरफ्तार हो सके। लेकिन 70 दिन से भी अधिक समय निकल गया और पुलिस किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई। आखिर में परिवार ने विरोध-प्रदर्शन का अनूठा तरीका अपनाया और पैदल ही मेड़ता से नागौर के लिए निकल पड़े। मेड़ता से नागौर का सफर 80 किलोमीटर का है। जिसे यह परिवार पैदल तय कर रहा है और पिछले सात दिनों से यह परिवार पैदल चल रहा है।
एसपी ने दिया था आश्वासन
पिछले दिनों मेड़ता सिटी के दौरे पर गई एसपी श्वेता धनकड़ से मृतक महिला छोटी देवी के परिजनों ने मुलाकात की थी। इस दौरान एसपी ने एक टीम का गठन किया। जल्द ही हत्याकांड का खुलासा करने का आश्वासन दिया था। लेकिन हत्याकांड को लंबा समय बीतने के चलते परिवार आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुआ।
पैदल मार्च में बेटी व मासूम बच्ची भी शामिल-
हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तार नहीं होने से नाराज परिवार ने 7 सितंबर को पैदल मार्च शुरू कर दिया। मृतका की बेटी भी पैदल मार्च में शामिल है और उसके साथ मासूम बच्ची भी पैदल चल रही है। मृतका की बेटी कभी मासूम की अपनी गोद में लेकर चलती है तो कभी पैदल। इस तरह पिछले सात दिनों से यह सफर जारी है। अब यह परिवार नागौर से कुछ ही किलोमीटर दूरी पर है उम्मीद है कि नागौर के पुलिस अधिकारियों की अब तो आंख खुलेगी और हत्या के आरोपी गिरफ्तार होंगे। गौरतलब हैं कि मेड़ता सिटी में 24 जून को वृद्ध महिला छोटी देवी प्रजापत की अज्ञात लोगों ने घर में घुसकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद शव को सुनसान खंडहर में फेंक दिया। घटना के 70 दिन से भी अधिक समय के बाद आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं हुई, न ही किसी की गिरफ्तारी हुई है।