मुंबई में लोकल ट्रेनों में यात्रा कर सकते हैं निजी-सहकारी बैंककर्मी, जानें क्या हैं शर्तें?



  • कोरोना के बढ़ते मामलों और अनलॉक के बाद महाराष्ट्र में जिंदगी रफ्तार पकड़ने लगी है

  • देश की आर्थिक राजधानी मुंबई को स्पीड देने के लिए कई फैसले लिए गए हैं

  • अब मुंबई में निजी और सहकारी बैंक के 10% यात्रियों को लोकल में यात्रा की अनुमति दी गई


कांती जाधव,(मुंबई)। कोरोना के बढ़ते मामलों और अनलॉक के बाद महाराष्ट्र में जिंदगी रफ्तार पकड़ने लगी है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई को स्पीड देने के लिए कई फैसले लिए गए हैं। अब मुंबई में निजी और सहकारी बैंक के 10% यात्रियों को लोकल में यात्रा की अनुमति दे दी गई है। राज्य सरकार के अनुरोध और रेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा दी गई अनुमति के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित सहकारी और निजी बैंकों के कुल कर्मचारियों के 10% तक की सीमा के कर्मचारियों को मुंबई उपनगरीय नेटवर्क पर विशेष उपनगरीय सेवाओं द्वारा यात्रा करने की अनुमति दी गई है। चयनित 10% कर्मचारियों को महाराष्ट्र सरकार से QR कोड प्राप्त करना होगा। इस दौरान वैध पहचान पत्र के जरिए स्टेशनों में प्रवेश मिलेगा।
'नौकरीपेशा लोगों के लिए खोलें लोकल'
इस बीच बहुजन विकास आघाडी के विधायक क्षितीज ठाकुर ने पत्र लिखकर रेलवे मंत्री से कहा है कि सरकार की ओर से लॉकडाउन हटा दिया गया है। अब जल्द ही नौकरीपेशा लोगों की परेशानी को देखते हुए उनके लिए लोकल ट्रेन की सेवाएं भी शुरू की जाए। वसई-विरार-पालघर परिसर से रोज लाखों की संख्या में नौकरीपेशा लोगों को मुंबई में काम पर जाने के लिए बड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। विधायक ठाकुर ने अपने पत्र में लिखा है कि लॉकडाउन के कारण पहले ही अर्थव्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं है और आम जनता की कमर टूट गई है। उसके बावजूद लोगों को दिन में कार्यालय सड़क मार्ग से जाने के लिए बस अथवा निजी परिवहन साधनों पर निर्भर रहना पड़ता है। रास्तों में ट्रैफिक की समस्या , खराब सड़कें, लोकल सेवा की तुलना में अधिक किराया और लगने वाले समय जैसी विभिन्न समस्याओं के कारण नौकरी पेशा लोग आर्थिक, शारीरिक और मानसिक रूप से पीड़ित हैं।