नाबालिग रेप सर्वाइवर को 80 दिन के अंदर मिला न्याय, दोषी को 20 साल की कैद, 50 हजार का जुर्माना


बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में 11 साल की मासूम से दुष्कर्म की वारदात के 80 दिन बाद ही कोर्ट ने फैसला सुना दिया। जिले के अपर जिला सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार ने पॉक्सो ऐक्ट के तहत आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 साल की सजा और 50 हजार का जुर्माना लगाया है। आरोपी के खिलाफ कोर्ट के तेजी से कार्रवाई पर पीड़िता के परिजन काफी खुश हैं। जानकारी के मुताबिक, बुलंदशहर में 25 जून 2020 को कोतवाली डिवाइ में नाबालिग के साथ रेप का मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि 24 जून की देर रात 11 साल की मासूम बच्ची के साथ चाकू की नोक पर रेप किया गया। पीड़िता के पिता ने बताया कि उस रात उनकी बेटी सो रही थी, जब आरोपी चंद्रपाल ने उसे घर से अगवा कर लिया था। उसने उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद उसे गिरफ्तार करके जेल भेजा गया था।
80 दिन में मिला न्याय
मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश के कोर्ट में चल रही थी। कोर्ट ने आरोपी की सभी दलीलें सुनने के बाद मंगलवार को उसे दोषी मानते हुए 20 साल की सजा और 50 हजार का जुर्माना लगा दिया। मामले में एसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि नाबालिग से रेप के मामले में सुनवाई जल्द से जल्द पूरी करने का निर्देश था। इसके चलते सीओ डिवाइ को पूरे मामले में लगाया गया था। एक वकील को अलग से इस मामले में खड़ा किया गया था। इसका परिणाम मंगलवार को सामने आया है। 80 दिन के भीतर दुष्कर्म पीड़िता बच्ची को न्याय मिला है।