प्रधानमंत्री के सलाहकार के नाम पर कस्टम को फर्जी कॉल



  • कॉल मिलते ही एक बार को अधिकारी सकते में आ गए

  • सर्जिकल मास्क को सऊदी अरब भेजने की कोशिश में थी ठग

  • शक होने पर जांच की तो इस रैकेट का पर्दाफाश हो गया


नई दिल्ली ब्यूरो। अभी तक दिल्ली कस्टम के नाम पर ही आम लोगों को ठगे जाने के मामले सामने आते थे। अब कस्टम कमिश्नर को ही किसी ने प्रधानमंत्री का सलाहकार बनकर कॉल कर दी। दिल्ली एयरपोर्ट के पास स्थित न्यू कस्टम हाउस कमिश्नर ऑफिस में एक कॉल आया। जिसमें कहा गया कि कस्टम कमिश्नर से पीएमओ के एडवाइजर बात करना चाहते हैं। कॉल मिलते ही एक बार को अधिकारी सकते में आ गए। कॉलर ने अपने आप को पीएमओ का एडवाइजर बताते हुए कमिश्नर को आदेश दिए कि थ्री प्लाई फेस सर्जिकल मास्क की एक कन्साइनमेंट दिल्ली एयरपोर्ट से सऊदी अरब जानी है। उसे प्राथमिकता के आधार पर जल्दी से जल्दी क्लियरेंस कराकर एक्सपोर्ट कराई जाए। पीएमओ के एडवाइजर बनकर कॉल करने वाले ने कस्टम से यह भी कहा कि इस संबंध में डायरक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड से भी स्पेशल परमिश्न मिल गई है। इसका नोटिफिकेशन भी कन्साइनमेंट के साथ लगा है। इस मामले में जरा भी ढील ना की जाए। इस तरह की कॉल सुनने के बाद कस्टम अधिकारी सोचने लगे कि आखिर इस तरह की कन्साइनमेंट के लिए पीएमओ के एडवाइजर का कॉल क्यों आएगा? मामले में शक हुआ। सचाई जानने के लिए वह नोटिफिकेशन डीजीएफटी को भेजा गया। वहां से जो जवाब मिला। उससे कस्टम कमिश्नर को पता लग गया कि यह सब फर्जीवाड़ा था। इस तरह से फर्जीवाड़ा करके दिल्ली एयरपोर्ट से थ्री प्लाई फेस मास्क की एक बड़ी कन्साइमेंट को सउदी अरब एक्सपोर्ट कराया जा रहा था। माल भेजने वाली कंपनी नोएडा की है। जिसे मयूर विहार इलाके की कस्टम हाउस एजेंट की एक कंपनी के माध्यम से रियाद एक्सपोर्ट कराया जाना था। मामले में 1 जुलाई को न्यू कस्टम हाउस से संपर्क किया गया था। कस्टम की प्राथमिक तफ्तीश के बाद इस मामले में आईजीआई एयरपोर्ट थाने में कस्टम सुपरिटेंड की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मामले में जिस कंपनी और जिस कस्टम हाउस एजेंट के माध्यम से माल भेजा जा रहा था। अब सभी की तहकीकात की जाएगी। शक है कि इस तरह से कहीं पहले भी कुछ कंपनियां फर्जीवाड़ा करके प्रतिबंध के दौरान से इस तरह के प्रतिबंधित सर्जिकल मास्क या अन्य आइटमों को एक्सपोर्ट कराने में तो कामयाब नहीं हो गई। मामले में कस्टम अधिकारियों ने बताया कि कोरोना वायरस की गंभीरता को देखते हुए भारत से सर्जिकल मास्क और इस तरह की अन्य तमाम आइटमों के एक्सपोर्ट पर डीजीएफटी ने प्रतिबंध लगा दिया था। लेकिन इसे कुछ समय पहले ओपन कर गया है।