रेस लगा रहे जिम ट्रेनर की गोलियों से भूनकर हत्या, 24 घंटे में दूसरे मर्डर से हिला मेरठ



  • मेरठ में जिम ट्रेनर की गोली मारकर हत्या, 24 घंटे में दूसरा मर्डर

  • रेस लगाते वक्त बाइक सवार बदमाशों ने ट्रेनर को मारीं पांच गोलियां

  • 45 साल के परविंदर जिम ट्रेनर के साथ ठेकेदारी का काम करते थे

  • शव लेने पहुंची पुलिस से ग्रामीणों और परिजनों की हुई तीखी नोकझोंक


मेरठ। यूपी के मेरठ जिले में 24 घंटे के अंदर हत्या की दूसरी वारदात सामने आई है। मंगलवार को हुई लाखों की लूट के दौरान जूलर की हत्या हुई थी। इस मामले में पुलिस अभी तक कातिलों की तलाश में खाक छान रही है। इसी बीच बुधवार को दौराला थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े बाइक सवार बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर जिम ट्रेनर का कत्ल कर डाला। वारदात के बाद पुलिस और गुस्साए लोगों में तीखी नोकझोंक हुई। इस बीच पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है। मेरठ पुलिस को वारदात के पीछे लेन-देन की रंजिश की आशंका है। एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह ने बताया कि कत्ल के पीछे प्रथम दृष्टया लेनदेन की वजह सामने आई है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने फिलहाल दो लोगों को हिरासत में लिया है। एसपी सिटी ने घटना के जल्द खुलासे का दावा किया है।
अचानक आए और बरसा दीं गोलियां
दरअसल, दौराला थाना क्षेत्र के सकौती निवासी 45 वर्षीय परविंदर पुत्र मांगेराम मेरठ में स्थित एक जिम में ट्रेनर थे। इसी के साथ वह नगर निगम में भी ठेकेदारी करते थे। बताया जाता है बुधवार की सुबह परविंदर क्षेत्र के ही कुछ युवकों के साथ दौड़ लगा रहे थे। इसी दौरान सुबह लगभग छह बजे नंगली-सकौती मार्ग पर बाइक पर आए दो हमलावरों ने परविंदर पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। पांच गोलियां लगने से परविंदर की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देकर आरोपी हाइवे की तरफ फरार हो गए। घटना के बाद परविंदर के साथ रेस लगा रहे अन्य युवक सन्न रह गए। घटना की जानकारी मिलते ही परविंदर के परिवार में कोहराम मच गया और मौके पर परिजनों और सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गई।
पुलिस के साथ हुई तीखी नोकझोंक
घटना की जानकारी के बाद दौराला थाना प्रभारी करतार सिंह आनन-फानन में फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेने का प्रयास किया तो ग्रामीणों और परिजनों की पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक हुई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सुबह गश्त के नाम पर पुलिस सिर्फ खानापूर्ति करती है। यदि पुलिस मुस्तैद होती तो शायद परविंदर की जान नहीं जाती। काफी देर चले हंगामे के बाद थाना प्रभारी ने परिजनों को समझा-बुझाकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।
एसपी सिटी ने की परिजनों से पूछताछ
फरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं। वहीं, एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह मृतक के घर पर पहुंचे। पूछताछ के दौरान परिजनों ने बताया कि परविंदर की पत्नी डॉली पिछले कुछ दिनों से अपने छह वर्षीय पुत्र के साथ सरधना स्थित अपने मायके गई हुई हैं। परिजनों को इस बात की जानकारी नहीं थी कि परविंदर मेरठ में किस जिम में काम करते हैं। पुलिस ने मृतक की मां कमला और छोटे भाई जितेंद्र से काफी देर तक पूछताछ की। लेकिन दोनों ने ही किसी प्रकार की रंजिश से इनकार किया। एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह ने बताया कि अभी परिजनों ने घटना की तहरीर नहीं दी है। फिलहाल पुलिस ठेकेदारी में किसी रंजिश के ऐंगल को तलाश रही है।