साउथ एमसीडी ने पिछले एक साल से 42 हजार लोगों नहीं दी है पेंशन


नई दिल्ली। साउथ एमसीडी एरिया में रहने वाले पेंशन भोगियों को पिछले एक साल से एमसीडी ने पेंशन ही नहीं दी है। पिछले साल सितंबर से लेकर अभी तक 42,000 पेंशन भोगियों में से किसी को भी पेंशन नहीं मिली है। गरीब बुजुर्ग और विधवा महिलाएं पेंशन के लिए जोनल दफ्तरों के कम्युनिटी सर्विसेज डिपार्टमेंट में रोजाना धक्के खा रहे हैं। विभाग के अधिकारियों ने पेंशन भोगियों को साफ कह दिया है कि उनके पास किसी को पेंशन देने के लिए फंड ही नहीं है। साउथ एमसीडी स्टैंडिंग कमिटी के पूर्व चेयरमैन भूपेंद्र गुप्ता का कहना है कि असहाय बुजुर्ग, विधवा, किन्नर, जो पेंशन भोगी हैं, वह पिछले एक साल से परेशान हैं। एमसीडी इन्हें हर महीने 1,000 रुपये पेंशन देती है, लेकिन सितंबर 2019 से ही किसी को पेंशन नहीं मिली है। ऐसा इसलिए कि पेंशन फंड में जो पैसे कम्युनिटी सर्विस डिपार्टमेंट को मिलता है, वह पिछले साल सितंबर में खत्म हो गया था। डिपार्टमेंट के अफसरों ने आगे भी किसी को पेंशन देने से साफ हाथ खड़े कर दिए हैं। नेता सदन नरेंद्र चावला का कहना है कि पेंशन नहीं मिलने से गरीब लोग काफी परेशान हैं। इसलिए पिछली स्टैंडिंग कमिटी की मीटिंग में एमसीडी कमिश्नर को यह आदेश दिया गया है कि गरीबों का पेंशन जितनी जल्द हो सके जारी किया जाए। कमिश्नर ने यह भरोसा दिलाया है कि अगले दो या तीन महीनों में बुजुर्ग और विधवा पेंशन भोगियों को पेंशन जारी की जाएगी। साउथ एमसीडी के चारों जोन को मिलाकर करीब 42,000 पेंशन भोगी हैं।