उप्र का समग्र विकास डिबेट में उठा अलग बुंदेलखंड राज्य का मुद्दा


फतेहपुर ब्यूरो। डिजिटल युग मे कोरोना जैसी वैश्विक महामारी में भी गंभीर मुद्दों पर डिबेट चल रही है। ऐसा ही उप्र का समग्र विकास विषय पर वर्चुअल वीसी डिबेट रखा गया। जिसका संचालन वरिष्ठ समालोचक अरविंद विद्रोही ने किया भाग लेने वालों में गाजियाबाद से परिपूर्ण न्यूज़ समाचार पत्र के सम्पादक एवं वरिष्ठ पत्रकार सूर्यप्रकाश त्रिपाठी, चित्रकूट धाम मंडल से बुन्देलखण्ड राष्ट्र समिति के राष्ट्रीय संयोजक डालचंद्र मिश्रा  और झांसी मंडल से डॉ अनिल तिवारी एवं उनके प्रतिनिधि विजय तिवारी लाइव रहे। चर्चा का विषय उप्र का समग्र विकास अरविंद विद्रोही के #जनपक्ष एपिसोड की 48वीं कड़ी थी। डिबेट में डालचन्द्र मिश्रा के अनुसार उत्तर प्रदेश का समग्र विकास बिना बुंदेलखंड के विकास संभव नही है। उनका मानना है कि बुंदेलखंड को प्राथमिकता से अलग राज्य का दर्जा समय रहते और राज्य एवं केंद्र की वर्तमान सरकार के रहते दे दिया जाना चाहिए। मिश्र का कहना है कि उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड अलग होते ही वहाँ का साक्षरता दर यूपी से ज्यादा है। वहाँ का विकास दर भी यूपी से ज्यादा है। इसी क्रम में वरिष्ठ पत्रकार सूर्यप्रकाश त्रिपाठी ने बुंदेलखंड के मूलभूत समस्याओं जैसे पानी, रोजगार, अन्ना प्रथा एवं अच्छे इंफ्रास्ट्रक्चर स्कूल, हॉस्पिटल जैसे विषयों को उठाया। उनका मानना है कि अभी भी वोटबैंक की राजनीति में तमाम सरकारों और उनके शासन में किये गए वादों के बावजूद बुंदेलखंड अभी भी 50 वर्ष पीछे है। उन्होंने अलग राज्य की अवधारणा को और बल दिए जाने की बात कही। झांसी से जुड़े डॉ अनिल तिवारी जी का नेटवर्क प्रॉब्लम की वजह से अपनी बात नही रख पाए किन्तु कुछ ही मिनट के बाद उनके प्रतिनिधि विजय तिवारी ने डिबेट में अनिल जी की तरफ से बात को रखा। उनका कहना था कि यदि अलग राज्य बनता है तो चित्रकूट और झांसी में केंद्र बिंदु कौन होगा और विकास की दिशा दशा कैसी बनेगी इस पर भी चर्चा होनी चाहिए। कार्यक्रम के अंत मे अरविंद विद्रोही ने कहा कि सांस्कृतिक, धार्मिक, राजनीतिक और क्षेत्रीय उपेक्षा का केंद्र रहे बुंदेलखंड पर अनवरत डिजिटल डिबेट कराते रहेंगे और बुद्धिजीवियों को मंच प्रदान करते रहेंगे।