उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगे : राजधानी पब्लिक स्कूल की छत पर राम इलाही ने लगाई थी दंगे में तबाही मचाने वाली गुलेल


नई दिल्ली ब्यूरो। उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगे की तैयारी कितने बड़े स्तर पर की गई थी इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दंगे से तीन दिन पहले फैजल फारुख ने अपने राजधानी पब्लिक स्कूल की छत पर राम इलाही नाम के वेल्डर के जरिये बड़ी गुलेल लगवाई थी। उसी गुलेल से 24 फरवरी को शिव विहार तिराहे पर एसिड भरी बोतलें व पेट्रोल बम फेंककर बड़ी तबाही मचाई गई थी। पेट्रोल बम फेंके जाने से सबसे अधिक नुकसान राजधानी पब्लिक स्कूल व डीआरपी स्कूल के बीच स्थित कार पार्किंग में हुआ था। पार्किंग में खड़ी 200 से अधिक कारें जलकर खाक हो गई थी। डीआरपी स्कूल व अशोक मिठाई की दुकान को भी जलाकर खाक कर दिया गया था। पेट्रोल बम फेंके जाने से राजधानी पब्लिक स्कूल के सामने स्थित बड़ी संख्या में घरों व दुकानों में आग लग गई थी, जिसके बाद आक्रोश में वहां आसपास रहने वाले दो समुदायों के बीच भीषण दंगे शुरू हो गए थे।
खारिज हुई अंतरिम जमानत की याचिका
राम इलाही उर्फ हाजी रहीम इलाही उर्फ राम रहीम शिव विहार का ही रहने वाला है और पेशे से वेल्डर है। दंगे के मामले में गिरफ्तार मास्टर माइंड फैजल फारुख से राम इलाही का पुराना संबंध बताया गया है। दंगे में आरोपित बनाए जाने का पता चलने के बाद से वह फरार है। गिरफ्तारी के डर से उसने कड़कड़डूमा कोर्ट में अंतरिम जमानत की अर्जी लगाई थी, जिसे पुलिस के विरोध के बाद कोर्ट ने बृहस्पतिवार को खारिज कर दिया। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने राम इलाही की तलाश तेज कर दी है। दिल्ली दंगे की विस्तृत साजिश रचे जाने के मामले में दायर आरोप पत्र में पुलिस ने उक्त साजिश का उल्लेख किया है। जांच रिपोर्ट में पुलिस ने बताया है कि स्कूल की छत पर गुलेल लगाने के बाद वहीं से आसपास के इलाके को सबसे अधिक निशाना बनाया गया। दंगे से पहले ही छत पर गैलनों में पेट्रोल व एसिड भरकर रख लिया गया था। बड़ी संख्या में कांच की बोतलों की भी व्यवस्था कर ली गई थी। जिसका इस्तेमाल दंगे शुरू होने पर किया गया। रिपोर्ट में पुलिस ने कहा है कि 23 फरवरी की रात ही सैकड़ों की संख्या में दंगाई राजधानी पब्लिक स्कूल में आ गए थे। उन्हें छत पर ही छुपकर रहने को कहा गया था। 24 फरवरी को समय से पहले ही फैजल ने स्कूल की छुट्टी कर दी। बच्चों के वहां से जाते ही छत पर छुपे लोगों ने एसिड व पेट्रोल बम फेंककर दंगा शुरू कर दिया था। पेट्रोल बम से राजधानी पब्लिक स्कूल के सामने स्थित अशोक मिठाइ की दुकान में आग लग गई थी। जिससे वहां काम करने वाले हलवाई दिलबर नेगी की जिंदा जलने से दर्दनाक मौत हो गई थी। अगले दिन पुलिस को उसका कंकाल मिला था। राहुल सोलंकी नाम के युवक को दंगाईयों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में गिरफ्तार सिराजुद्दीन नाम के आरोपित ने पूछताछ में बताया कि राजधानी स्कूल की छत पर राम इलाही नाम के व्यक्ति ने गुलेल लगाई थी। एसिड फेंके जाने से एक एसएसबी का जवान भी बुरी तरह झुलस गया था।