भारत-नेपाल मैत्री के प्रतीक पशुपतिनाथ मंदिर में अवैध कब्‍जा, शिवलिंग हटाया,बोरे में मिली नंदी मूर्ति


वाराणसी। भारत और नेपाल के मैत्री संबंध के प्रतीक पशुपतिनाथ मंदिर की जमीन पर कब्जेदारों की नजर है। परिसर में रह रहे लोगों ने यहां अवैध कब्जे कर प्राचीन शिव मंदिर के स्वरूप को खत्म कर दिया है। कब्जेदारों ने पहले देवालय से शिवलिंग को हटाया और फिर वहां स्थापित नंदी की मूर्ति को गायब कर बोरे में भर छुपा दिया। नेपाली धर्मशाला से जुड़े गोपाल प्रसाद अधिकारी ने इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने धर्मशाला के भीतर से ही नंदी की मूर्ति को बोरे से बरमाद किया। बताया जा रहा है कि मंदिर से हटाई गई शिवलिंग और नंदी की मूर्ति करीब 170 साल पुरानी है। चर्चा तो ये भी है कि इस प्राचीन शिवलिंग की स्थापना वर्ष 1843 में तत्कालीन नेपाल नरेश ने ही की थी। एनबीटी ऑनलाइन से बातचीत में दशाश्वमेध इंस्पेक्टर ने बताया कि नेपाली धर्मशाला समिति की ओर से मिली शिकायत पर पुलिस जांच कर रही है। इसके अलावा बोरे में रखे मिले नंदी को दोबारा वहीं स्थापित कराने की प्रकिया चल रही है।
भारत-नेपाल के मैत्री का है प्रतीक
वाराणसी के ललिता घाट स्थित पशुपतिनाथ मंदिर नेपाल सरकार के अधीन है। घाट किराने स्थित यह मंदिर नेपाल के पशुपतिनाथ नाथ मंदिर का प्रतिरूप है। वाराणसी में इसे नेपाली खड़पा के नाम से भी जाना जाता है। मंदिर के अलावा यहां पाली धर्मशाला भी है जहां विधवा महिलाएं मोक्ष की कामना में रहती हैं।