बॉर्डर पर तनातनी, दिल्ली के सदर बाजार और चांदनी चौक में चीन के सामान की भरमार


नई दिल्ली ब्यूरो। चीन से भारत की भले ही बॉडर पर तनातनी है, लेकिन व्यापार को लेकर अब सबकुछ सामान्य से हो गया है। इस दीपावली भी भले ही कुछ संगठन देशी दीपावली मनाने की अपील कर रहे है, लेकिन दिल्ली का बाजार चीन के सामानों से पट गया है। खासकर दीपावली से घर को रौशन करने वाले मोमबत्ती, बिजली की लड़ियां, बिजली के रंग बिरंगे बल्ब, वंदनवार, घरो को सजाने के रंगोली समेत सभी सामान से दिल्ली का सदर बाजार पटा हुआ है। दशहरा खत्म होने के बाद दिल्ली के बाजार दीपावली त्योहार के लिए सज गया है। चीन के सामानों के साथ स्वदेश निर्मित सामान बेचने की तैयारी में भी व्यापारी है। लेकिन पिछले साल की तरह इस साल भी चीन के ही समानों की धूम है। स्वदेशी लाइट बिक भी रही है तो सिर्फ पैकेजिंग ही स्वदेशी है। अंदर का माल चीन का ही है। पिछले साल के बचे चीन के झालर, लाइट, सजावटी सामान की बिक्री भी जमकर हो रही है। बाजार में रौनक बढ़ने से व्यापारियों को भी उम्मीद बढ़ गई है तो ज्वेलर्स भी अगामी त्योहार को लेकर खासे उत्साहित दिख रहे है। कोरोना की वजह से दिल्ली के होलसेल बाजार की स्थिति अब बेहतर होने लगी है। दीपावली त्योहार को लेकर बढ़ी भीढ़ से आशाएं बंध गई है। कोरोना की वजह से जो व्यापारी दिल्ली आने में परहेज करते थे वह अब पहुंचने लगे है। व्यापारी आत्म निर्भर भारत योजना के तहत सामान की बिक्री कर ही रहे है साथ ही दीपावली को लेकर चीन के सामान भी पिछले साल की तरह ही बिक्री की जा रही है। अब भारत के सबसे बड़े त्यौहार दिवाली में केवल 20 दिन ही बचे हैं। इस त्योहार को लेकर व्यापारी वर्ग में काफी उत्साह है।  अगामी दीपावली को लेकर थोक मार्केट की बिक्री तेज हो गई है। अन्य राज्यों से आने वाले व्यापारी हर साल की तरह इस साल भी चीन निर्मित सजावटी सामान खरीदने में ज्यादा रूची दिखा रहे है। दरअसल सस्ती होने के कारण ग्राहक भी इसे ही पसंद करते है। चीन नीर्मित सभी इलेक्ट्रॉनिक सामान मिल रहे है। इतना जरूर है कि स्वदेशी के प्रति भी लोगों की जागरूकता बढ़ी है। सरकार स्वदेशी की बात तो करती है, लेकिन स्वदेशी को कैसे बढ़ाया जाए इसे लेकर नीतियां तैयार नहीं होती है।