दिल्ली सरकार ने 'युद्ध, प्रदूषण के विरुद्ध' के तहत ग्रीन दिल्ली एप किया लॉन्च



  • केजरीवाल बोले कोई भी बदलाव तबतक नहीं हो सकता जबतक आम जनता उससे ना जुड़े

  • पर्यावरण की शिकायत पर निगरानी के लिए 70 मार्शल तैनात किया गया

  •  दिल्ली सचिवालय स्थित ग्रीन वॉर रूम से प्रदूषण पर निगरानी के साथ एप के माध्यम से भेजे गए शिकायत की निगरानी की जाएगी


नई दिल्ली ब्यूरो। प्रदूषण को कम करने के खिलाफ दिल्ली सरकार युद्ध स्तर पर काम कर रही है। ग्रीन वार रूम से जहां प्रदूषण पर मॉनीटरिंग की जा रही है तो वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को ग्रीन दिल्ली एप लॉन्च किया। इसका मकसद है कि दिल्ली के एक-एक लोग दिल्ली सरकार के युद्ध प्रदूषण के विरुद्ध में शामिल हो। इस मौके पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवा लने बताया कि हर किस्म की शिकायत इस एप पर दर्ज होगी। इतना ही नहीं टाइम-लाइन फ्रेम में शिकायत की समस्या का समाधान होगा। मसलन कही आग से धुआ निकल रहा हो, कोई वाहन प्रदूषण फैला रहा हो या इंडस्ट्रियल एरिया में प्रदूषण हो रहा है इसकी शिकायत आम लोग शिकायत दर्ज करा सकेंगे इस एप के माध्यम से।
प्रदूषण के विरुद्ध युद्ध के लिए 70 मार्शल तैनात होंगे
दिल्ली सरकार के इस जंग के लिए 70 मार्शलों की तैनाती की जाएगी। ये मार्शल जहां कही भी प्रदूषण की शिकायत मिलेगी मौके पर पहुंचकर तत्काल समस्या का समाधान करेंगे। शिकायत मिलने के साथ ही प्रदूषण कैसे रोका जाए इस पर निगरानी रखेंगे।


टाइम फ्रेम में शिकायत का समाधान
मुख्यमंत्री ने बताया कि एप के माध्यम से भेजी गई शिकायत सिर्फ दर्ज नहीं होगी। संबंधित अधिकारी टाइम-लाइन के अनुसार निगरानी करने के साथ शिकायत को दूर करेंगे। इतना ही नहीं शिकायत करने वाले अगर अधिकारियों की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं होंगे तो एप के माध्यम से ही शिकायत करने वाले दोबारा शिकायत कर यह बता सकेंगे।


सचिवालय से मॉनीटरिंग की जाएगी
दिल्ली सचिवालय में पिछले दिनों ग्रीन वॉर रूम तैयार किया गया था। इस वॉर रूम से ही एप के माध्यम से पहुंचने वाली शिकायत पर नजर रखी जाएगी। मार्शल भी इसपर निगरानी रखेंगे। शिकायत मिलते ही संबंधित विभाग को इसकी सूचना भेजी जाएगी। सूचना मिलते ही पूरी सक्रियता के साथ शिकायत को दूर की जाएगी।नए एप की दिक्कतों को भी दूर किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि एप को लॉन्च कर दिया गया है। इसे गुगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकेगा। इस एप में किसी तरह की परेशानी आती है, यानी जहां प्रदूषण हो रहा है उसका वीडियो अपलोड करने में, ऑडियो अपलोड करने में या एंड्रायड फोन से खींचे हुए फोटो अपलोड करने में तो वह भी परेशानी दूर की जाएगी। कहीं निर्माण कार्य के कारण धूल उड़ रहे है तो उसकी भी शिकायत दर्ज होगी।


स्थानीय निकाय को भी जोड़ा जाएगा
प्रदूषण के खिलाफ जंग में सभी स्थानीय निकाय को जोड़ा जाएगा। इस एप के माध्यम से दिल्ली एमसीडी, एनडीएमसी, दिल्ली विकास प्राधिकरण समेत अन्य निकाय के साथ दिल्ली सरकार के भी सभी मंत्रालय जुड़ेंगे। ताकि सभी के अधिकारी मिलकर प्रदूषण की समस्या का निदान कर सकें। एप के माध्यम से दिल्ली वाले कही कूड़ा जल रहा हो उसका वीडियो बना कर फेज सकेंगे। उस जगह फोटो बना कर फेज सकेंगे, वॉयस ऑडियो भेज सकेंगे। इसका फायदा यह होगा कि जैसे ही यह शिकायत ग्रीन वॉर रूम में पहुंचेंगा तो वहां पता चल जाएगा कि कहा से किस लोकेशन से शिकायत की गई है। इसके बाद उचित कारवाई की जाएगी।


एप पर रजिस्ट्रेशन के लिए मोबाइल नंबर देना होगा
एप पर रजिस्ट्रेशन के लिए सबसे पहले मोबाइल नंबर देना होगा। इस एप पर हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में शिकायत करने की सुविधा होगी। होम पेज पर यह भी देख सकेंगे कि कितनी शिकायत की गई और कितना का समाधान हुआ है।


मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहीं ये बातें-
जबतक दिल्ली के लोग इस अभियान से नहीं जुड़ेंगे तबतक समस्या का समाधान नहीं होगा। इसमें आम लोगों की भी भागीदारी जरूरी है। पिछले साल आम लोगों की भागीदारी की वजह से ही 25 प्रतिशत प्रदूषण की कमी दर्ज की गई। औद्योगिक क्षेत्र के प्रदूषण को फ्यूल बदलकर कम किया गया। इस साल सारी दिल्ली के खेतों में मुफ्त केमिकल का छिड़काव किया जा रहा है। नतीजे अच्छे आए है। यह सफल हो गया तो पराली से धुंए की समस्या का समाधान हो जाएगा।


किसान पराली जलाना नहीं चाहते। इस छिड़काव से पराली खाद में तब्दिल हो जाएगी। उम्मीद है कि दिल्ली सरकार की इस पहल को अन्य राज्य की सरकारें भी अपनाएंगी। अगले साल तक पराली से फैलने वाले प्रदूषण पर पूरी तरह से काबू पा लिया जाएगा। इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति से भी काफी राहत मिलेगी। इस अभियान के तहत दिल्ली वालों को जुडऩा होगा। कोई भी बदलाव नहीं आ सकता जबतक जनता ना जुड़े।