एनएमआरसी ने ट्रांसजेंडरों को समर्पित किया 'प्राइड मेट्रो स्टेशन', छह को दी नौकरी, बढ़ाया सम्मान


नोएडा। समाज में ट्रांसजेंडरों के लिए नए कानून बनने के बाद भी उन्हें काफी उपेक्षा से देखा जाता है। उन्हें इसी से बचाने के लिए और समाज में सम्मान दिलाने के लिए नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन(एनएमआरसी) ने एक नई पहल की है। एनएमआरसी ने नोएडा सेक्टर-50 स्थित प्राइड मेट्रो स्टेशन को ट्रांसजेंडरों को समर्पित कर दिया है। मंगलवार को गौतमबुद्ध नगर सांसद डॉ. महेश शर्मा और नोएडा विधायक पंकज सिंह की उपस्थिति में प्राइड स्टेशन में कार्यदायी संस्था के माध्यम से संविदा के आधार पर माही गुप्ता(टॉम ऑपरेटर), पान्या(टॉम ऑपरेटर), सूरज/काजल(टॉम ऑपरेटर), शानू(टॉम ऑपरेटर), पवन/प्रीति(हाउस कीपिंग), कुनाल माहोर(हाउसकीपिंग) को कार्य करने का अवसर प्रदान किया गया है। यहां टॉम ऑपरेटर का अर्थ है टिकट काउंटर पर बैठने वाली कर्मी।  स्टेशन में कार्यरत सभी छह ट्रांसजेंडरों को तैनाती से पहले एनएमआरसी ने प्रशिक्षण दिया है। इस मौके पर नजरिया नामक एनजीओ के लोग भी मौजूद थे। यह एनजीओ ट्रांसजेंडरों के लिए कार्य करता है और उनकी आवाज उठाता रहता है। एनएमआरसी ने इस एनजीओ के साथ नजदीकी से काम किया ताकि ट्रांसजेंडर्स के बारे में बेहतर समझ विकसित कर सके। प्राइड स्टेशन ने जो पहल की है उसके बाद वह ऐसा करने वाला उत्तर भारत का पहला मेट्रो स्टेशन बन गया है। यह कदम एनएमआरसी ने इसलिए उठाया है क्योंकि ट्रांसजेंडर समुदाय की भी सहभागिता समाज में बढ़ाना चाहता है। 2011 की जनगणना के अनुसार देश में 4.9 लाख ट्रांसजेंडर रहते हैं, जिनमें से 35000 एनसीआर में निवास करते हैं। वर्तमान में यह संख्या निश्चित रूप से बढ़ी होगी यह मानकर ही एनएमआरसी इस समुदाय की सहभागिता बढ़ाना चाहता है। एनएमआरसी ने यह कदम केंद्र सरकार के ट्रांसजेंडर पर्सन(प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स) कानून, 2019 से प्रभावित होकर उठाया है। इस स्टेशन का नाम भी इसीलिए प्राइड रखा गया है क्योंकि एनएमआरसी ट्रांसजेंडर समुदाय के काबिल लोगों को नौकरी देकर गौरवांवित है। एनएमआरसी मानता है कि यह ट्रांसजेंडर समुदाय के विकास में आशा की किरण साबित होगा।