गाजियाबाद में फर्जी सॉफ्टवेयर से होती थीं तत्काल टिकटों की बुकिंग, दो गिरफ्तार


गाजियाबाद ब्यूरो। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में फर्जी सॉफ्टवेयर की मदद से तत्काल टिकटों में फर्जीवाडे़ का मामला सामने आया है। मामले में आरपीएफ ने दो सॉफ्टवेयर इंजिनियरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने देशभर में 15 हजार से ज्यादा एजेंटों को सॉफ्टवेयर किराए पर दे रखा था। वह हर एजेंट से सॉफ्टवेयर के लिए 600 रुपये प्रतिमाह किराए के रूप में लेते थे और एक महीने में 90 लाख रुपये की कमाई करते थे। बता दें कि आरोपी सॉफ्टवेयर इंजिनियरों ने टिकट बुक करने के लिए तत्काल प्लस और तत्काल प्रो नाम से दो सॉफ्टवेयर बना रखे थे। यह सॉफ्टवेयर एक मिनट में दो से तीन लोगों का टिकट बुक करता था। इसमें ऐसी व्यवस्था थी कि सॉफ्टवेयर में कई यात्रियों की डिटेल एक साथ भरकर सभी को एक साथ सबमिट कर दिया जाता था। ऐसे में आईआरसीटीसी से टिकट बुक कराने की कोशिश करने वाले तमाम यात्रियों का टिकट कन्फर्म नहीं हो पाता था। देशभर के तमाम एजेंट सोशल मीडिया के माध्यम से आरोपियों से संपर्क साधते थे और उनसे सॉफ्टवेयर किराए पर लेते थे। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर आरपीएफ ने छापेमारी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।