गांजा तस्करी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा, पांच गिरफ्तार


दिल्ली ब्यूरो। उत्तरी जिले के स्पेशल स्टाफ ने गांजा तस्करों के अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने गिरोह के पांच बदमाशों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 51 किलो गांजा बरामद किया है। आरोपी उड़ीसा और विशाखापत्तनम से ट्रक से गांजा मंगाकर  दिल्ली, एनसीआर और उत्तर प्रदेश के शहरों में सप्लाई करते थे। पकड़े गए आरोपियों की पहचान गौतमबुद्ध नगर निवासी हरवीर गिरी, गाजियाबाद निवासी रवि ठाकुर, मुजफ्फरनगर निवासी सतेंद्र सिंह व मोहम्मद हैदर और छत्तीसगढ़ निवासी सोनू चतुर्वेदी के रूप में हुई है। जिला पुलिस उपायुक्त ऐंटो अल्फोंस ने बताया कि 17 अक्तूबर को स्पेशल स्टाफ ने कश्मीरी गेट इलाके से एक गिरोह के बदमाशों को दबोचकर उनके कब्जे से 181 किलो गांजा बरामद किया था। जांच में पता चला कि गांजे की खेप विशाखापत्तनम से लाई गई थी। पुलिस की एक टीम विशाखापत्तनम पहुंची। जांच में पता चला कि गिरोह के बदमाश उड़ीसा के मल्कागिरी से गांजे की दूसरी खेप लेकर दिल्ली पहुंचने वाले हैं। 24 अक्तूबर को निरीक्षक सुनील कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने वजीराबाद फ्लाई ओवर के पास एक टैक्सी को रोका और उसमें सवार दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। टैक्सी से 10 पैकेट गांजा मिला। पैकटों का वजन 51.154 किलो था। मौके से पकड़े गए आरोपियों की पहचान हरवीर और रवि ठाकुर के रूप में हुई। पूछताछ में पता चला कि रवि चार साल से उड़ीसा से गांजे की तस्करी कर रहा था। दोनों की निशानदेही पर पुलिस ने 25 अक्तूबर को सतेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया। सतेंद्र ने करीब 250 किलो गांजा रायपुर के सोनू से खरीदा था। जिसे वह अपने दोस्त हैदर के ट्रक से मंगवाया। उसने गांजे को गाजियाबाद, हरिद्वार और मुजफ्फरनगर में बेचा था।  पुलिस ने उसकी निशानदेही पर बुधवार को सोनू और हैदर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इनके कब्जे से एक टैक्सी और ट्रक बरामद कर लिया। पुलिस ने बताया कि हरवीर टैक्सी चालक है। जबकि रवि लालपैथ लैब में टेक्नीशियन का काम करता है। जबकि अन्य तीन पर आपराधिक मामले दर्ज हैं।