गो हत्या कानून के दुरुपयोग पर हाईकोर्ट ने जताई चिंता, गोमांस बिक्री के आरोपी को दी जमानत


प्रयागराज। उत्तर प्रदेश गो हत्या निरोधक कानून के प्रावधानों को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चिंता जताई है। हाईकोर्ट ने कहा कि यूपी में इस कानून का लगातार दुरुपयोग किया है। साथ ही निर्दोष व्यक्तियों को इस कानून के तहत फंसाकर जेल भेजा जा रहा है। हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी गो हत्या और गोमांस की बिक्री के आरोपी शामली जिले के रहमू उर्फ रहमुद्दीन की जमानत अर्जी मंजूर करते हुए की। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गोहत्या निरोधक अधिनियम के दुरुपयोग पर सोमवार को कहा कि आरोपी व्यक्तियों को एक अपराध के लिए जेल में रहना जारी है जो शायद नहीं किया गया है। अदालत ने यह भी कहा कि अधिकारियों की ओर से बरामद किए गए मांस को गाय के मांस (गोमांस) के रूप में प्रस्तुत किया गया था। कोर्ट ने कहा कि जब भी कोई मांस पकड़ा जाता है, इसे गो मांस के रूप में दिखाया जाता है। कई बार इसकी फॉरेंसिक लैब में जांच भी नहीं कराई जाती है। जो कि चिंताजनक है। हाईकोर्ट में दायर जमानत याचिका के अनुसार, आरोपी को अपराध स्थल से गिरफ्तार नहीं किया गया था। आरोपी के खिलाफ शामली के भवन थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। गो हत्या के आरोपी रहमू उर्फ रहमुद्दीन पांच अगस्त से जेल में है। फिलहाल हाईकोर्ट ने रहमुद्दीन को सशर्त जमानत दे दी है।