गुड़गांव में शराब पिलाकर मर्डर, लाश के टुकड़े दिल्‍ली में, टैटू से पकड़ा गया कातिल


नई दिल्ली ब्यूरो। दिल्‍ली के अशोक विहार में पांच दिन पहले टुकड़ों में मिली लाश की पहचान हो गई है। पुलिस के मुताबिक, पीड़‍ित की बांह पर बने दो टैटू की मदद से उसकी शिनाख्‍त हुई। जांच करते-करते पुलिस गुड़गांव तक पहुंची जहां हत्‍या हुई थी। नरेश नाम के एक शख्‍स को अरेस्‍ट किया गया है जो उत्‍तर प्रदेश के सहारनपुर का रहने वाला है। उसने पुलिस को बताया कि मृतक संदीप उसका दोस्‍त था। नरेश को शक था कि पीड़‍ित का उसकी बीवी से अफेयर चल रहा था। हत्‍या का पता तब चला जब सेक्‍टर 81 में रहने वाले साहिब कालरा को उनके एक कर्मचारी ने 15 अक्‍टूबर को बताया कि एक कंस्‍ट्रक्‍शन साइट पर पड़े दो प्‍लास्टिक बैग्‍स से बहुत बदबू आ रही है। कालरा ने पुलिस को खबर की। मौके पर पुलिस पहुंची तो लाश मिली जिसकी गर्दन और कंधे पर चोट के निशान थे। अगले दिन मुकदमा दर्ज किया गया। नरेश ऑटोरिक्‍शा चलाता है। उसने पुलिस को बताया कि वह बजघेड़ा में अपनी बच्‍ची और चार बच्‍चों के साथ रहता है। 13 अक्‍टूबर की रात 11 बजे तक वह संदीप के ढाबे पर बैठकर उसके साथ शराब पी रहा था। उसके बाद वह उसे बजघेड़ा में अपने घर ले आया। नरेश और संदीप दूर के रिश्‍तेदार भी थे। दोनों का घर भी ज्‍यादा दूर नहीं था। पुलिस के मुताबिक, नरेश की पत्‍नी और बच्‍चे एक कमरे में थे और संदीप और नरेश दूसरे में। जब संदीप सो गया तो नरेश ने धारदार हथियार से उसकी हत्‍या कर दी। 14 अक्‍टूबर को नरेश ने अपनी बीवी और बच्‍चों को ढाबे पर काम करने भेज दिया। इसके बाद उसने लाश के दो टुकड़े किए, प्‍लास्टिक बैग में पैक किया और घर साफ किया। देर रात उसने अशोक विहार में एक अंडर-कंस्‍ट्रक्‍शन बिल्डिंग में बैग्‍स फेंक दिए। लाश रिकवर होने के दो दिन बाद, पुलिस शिनाख्‍त करने में सफल रही। पीड़‍ित के हाथ में दो टैटू थे। एक में 'संदीप' लिखा हुआ था और दूसरे में 'ॐ'। पुलिस ने 18 अक्‍टूबर को पता लगा लिया था कि संदीप सहारपुर का रहने वाला है। उसका गुड़गांव में एक ढाबा था और वह बजघेड़ा में रहता था।