हाथरस मामले में डीएम-एसपी ने करवाई फजीहत? योगी सरकार दोनों पर कर सकती है बड़ी कार्रवाई



  • हाथरस में दलित लड़की से गैंगरेप और हत्या के मामले में बढ़ा बवाल

  • मुख्यमंत्री ने हाथरस के डीएम और एसपी की भूमिका पर मांगी रिपोर्ट

  • शाम तक दोनों अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई कर सकते हैं सीएम योगी

  • हाथरस के डीएम पर पीड़िता के परिवार ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं


हाथरस। हाथरस में दलित लड़की से गैंगरेप और हत्या का मामला अब पूरी तरह सियासी रंग ले चुका है। दूसरी तरफ इस मामले में शुरुआत से लेकर अभी तक प्रशासनिक लापरवाही भी सामने आई है। अब इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय ने सीधा हस्तक्षेप किया है और माना जा रहा है कि हाथरस के डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार और एसपी विक्रांत वीर पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है। जानकारी के मुताबिक, पूरे मामले में डीएम और एसपी की भूमिका को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहद नाराज हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने पूरे मामले में दोनों अधिकारियों की भूमिका पर रिपोर्ट मांगी है। कहा जा रहा है कि देर शाम तक दोनों अधिकारी सस्पेंड हो सकते हैं। हाथरस के जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार पर मृत लड़की के परिवार ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।
डीएम पर लगे पीड़िता के पिता को धमकाने के आरोप
डीएम प्रवीण कुमार पर पीड़िता की भाभी ने आरोप लगाया था कि डीएम ने उनके ससुर (पीड़िता के पिता) से कहा है कि अगर तुम्हारी बेटी अभी कोरोना से मर जाती तो क्या तुमको मुआवजा मिल पाता? इसके अलावा सोशल मीडिया पर जिलाधिकारी और पीड़िता के पिता के बीच हुई बातचीत की एक फुटेज से भी प्रशासन पर गंभीर आरोप लगने लगे हैं। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में डीएम पीड़िता के पिता से कह रहे हैं कि आप अपनी विश्वसनीयता खत्म मत करो। ये मीडिया वाले मैं आपको बता दूं, आधे आज चले गए और आधे कल चले जाएंगे। हम आपके साथ खड़े हैं, आपकी इच्छा है कि आपको बार बार बयान बदलना है कि नहीं बदलना है। अभी हम भी बदल जाएं।
पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर उठ रहे सवाल
इसके अलावा पीड़िता के रात में जल्दबाजी में किए गए अंतिम संस्कार को लेकर भी हाथरस प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने जिस तरह जल्दबाजी में रात के ढाई बजे पीड़िता के शव का अंतिम संस्कार किया, वह उसकी भूमिका पर बड़े सवाल खड़े करता है। हालांकि एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने तर्क दिया था कि पीड़िता का शव खराब हो रहा था, इसलिए परिवारवालों की मर्जी से अंतिम संस्कार किया गया था।
हाथरस मामले पर बोले योगी, अपराधियों का समूल नाश सुनिश्चित
उधर उत्तर प्रदेश के हाथरस में दलित युवती के साथ रेप और क्रूर हत्या के मामले पर हो रही फजीहत के बीच सीएम योगी आदित्यनाथ ने चुप्पी तोड़ी है। शुक्रवार को उन्होंने बलात्कारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि माताओं-बहनों के सम्मान-स्वाभिमान को क्षति पहुंचाने वाले का समूल नाश सुनिश्चित है। उन्होंने प्रदेश के लोगों को आश्वासन दिया है कि उनकी सरकार प्रत्येक माता-बहन को सुरक्षा और विकास देने के लिए संकल्पबद्ध है।
हाथरस में 14 सितंबर से अब तक क्या कुछ हुआ?
बता दें कि 14 सितंबर को हाथरस की एक युवती के साथ गैंगरेप हुआ था। गैंगरेप के बाद आरोपियों ने युवती का गला दबाया और कहा तो यह भी जा रहा है कि उसकी रीढ़ की हड्डी भी तोड़ दी थी। वारदात के बाद वह एक हफ्ते से ज्यादा बेहोश रही थी। हालत खराब होने के बाद किशोरी को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, जहां मंगलवार को उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने भी जल्दबाजी में उसके शव को हाथरस लाकर रात के अंधेरे में फूंक दिया। हालांकि पुलिस का कहना है कि परिवार की मर्जी से अंतिम संस्कार किया गया था। मगर पूरे मामले को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासत का माहौल गर्म है।