जब किसानों को पराली की बात समझाते हुए खुद धान की फसल काटने लगे डीएम अजय शंकर पांडेय



  • गाजियाबाद में किसानों को पराली जलाने का नुकसान समझा रहे थे डीएम

  • भिकनपुर गांव में गुरुवार को एक संगोष्ठी में हिस्सा लेने पहुंचे थे डीएम अजय शंकर पांडेय

  • किसानों को बताया धान काटने का तरीका, जिससे खेत में ना बचे पराली का हिस्सा


सूर्य प्रकाश,(गाजियाबाद)। लीक से हटकर कार्यों की वजह से डीएम डॉ. अजय शंकर पांडेय हमेशा चर्चा में बने रहते हैं। यूपी में गाजियाबाद के भिकनपुर गांव में गुरुवार को वे एक किसान संगोष्ठी में पहुंचे थे। किसानों को पराली जलाने के नुकसान समझा रहे थे। इसी बीच एक किसान ने कहा, जब धान की फसल कटती है तो कुछ हिस्सा न चाहते हुए भी खेत में रह जाता है। उसे जलाना हमारी मजबूरी है। किसान की बात पर डीएम अफसरों के साथ खेत में पहुंच गए। हंसिया लेकर खुद धान काटने में जुट गए। फिर उन्होंने किसानों को दिखाया कि पराली बची क्या? किसानों से कहा कि इस तरह से धान की कटाई करेंगे तो पराली नहीं बचेगी और जलाने की भी स्थिति नहीं होगी। हाल ही में मसूरी के गांव कुशलिया में एक दिन पहले ही प्रशासन ने केस दर्ज कराया था। किसान पर आरोप है कि उन्होंने रोक के बाद भी पराली जलाई थी। इस मामले में क्षेत्रीय लेखपाल पीतम सिंह को भी निलंबित कर दिया गया था। किसानों के बीच इस बात को लेकर आक्रोश था। डीएम को यह पता चला तो उन्होंने भिकनपुर गांव में किसान संगोष्ठी रखी थी। इस दौरान किसानों ने जमकर सवाल पूछे।