महिला अधिकारी ने मंदिर में दी 'बड़ी सीख', सोशल मीडिया पर उठी बर्खास्त करने की मांग



  • महिला अधिकारी को हवन में शामिल होने की नहीं दी अनुमति तो अफसर ने दी सीख

  • सोलन जिले के शूलिनी देवी मंदिर का है पूरा मामला, सोशल मीडिया पर जमकर हो रहे ट्वीट

  • कुछ लोग रीतिका जिंदल के साथ खड़े हैं तो कई लोग कर रहे हैं बर्खास्तगी की मांग


सोलन। तमाम नजीरों के साथ बताया गया कि बेटा हो या बेटी एक है। फिर भी ढेरों मामले सामने आते रहते हैं। मामला है हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में स्थित शूलिनी देवी मंदिर का। यहां हवन यज्ञ में शनिवार को जब महिला आईएएस अधिकारी रीतिका जिंदल ने शामिल होना चाहा तो मंदिर के संचालकों ने उन्हें अनुष्ठान का हिस्सा बनने से रोक दिया। यही नहीं, रीतियों का हवाला देते हुए कहा गया कि मंदिर में महिलाओं को आने की अनुमति है लेकिन यज्ञ करने की इजाजत नहीं। पंडितों के साथ मंदिर के अन्य लोगों ने जब उन्हें हवन में शामिल होने से रोक दिया तो आईएएस अधिकारी ने उन्हें समानता की मजबूत सीख दे दी। इसके बाद पंडितों के साथ मंदिर के भी लोगों को परंपरा में परिवर्तन के लिए बाध्य होना पड़ा। यहां पर रीतिका जिंदल ने हवन में हिस्सा भी लिया। रीतिका जिंदल के इस कदम के बाद उन्हें बर्खास्त करने की मांग भी सोशल मीडिया में उठने लगी है। वहीं, रीतिका जिंदल ने कहा, 'मंदिर में उस वक्त हवन चल रहा था। इस दौरान मैंने भी हवन में शामिल होने का आग्रह किया। उन्होंने साफ मना कर दिया। उनका कहना था कि मंदिर में महिलाओं को हवन में बैठने की अनुमति नहीं है। मैंने उनसे कहा कि हम आंख बंद कर किसी भी बात का इस वजह से समर्थन नहीं कर सकते कि वह वर्षों से चला आ रहा है। हमारा संविधान हमें सामनता का अधिकार देता है। सुप्रीम कोर्ट ने भी यह सुनिश्चित किया है।' अधिकारी ने कहा कि जब उन्होंने इस बात पर जोर दिया तो उन्हें किसी ने भी मना नहीं किया। जहां एकओर कुछ लोग रीतिका जिंदल को बर्खास्त करने की मांग कर रहे हैं। वहीं, कई लोग ऐसे भी हैं जो रीतिका के फैसले के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। साथ ही इस प्रयास की सराहना भी कर रहे हैं।