नाबालिग की गैंगरेप के बाद हत्या, पुलिस ने कब्र से निकाला शव


साहेबगंज। झारखंड के बरहेट में नाबालिग बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है, जबकि मंगलवार को शव को कब्र से निकाल कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। बता दें कि बरहेट विधानसभा क्षेत्र प्रदेश के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का है। ऐस में अंदाजा लगाया जा सकता है कि अगर मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में महिला और बच्चियां सुरक्षित नहीं है तो प्रदेश के अन्य हिस्सों में स्थिति क्या होगी। जानकारी के अनुसार, रांगा थाना क्षेत्र के लखीपुर तियो टोला गांव में एक 14 साल की नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद हत्या कर दी गई। मामले को दबाने की कोशिश में आनन-फानन में रविवार को शव को दफना दिया गया। लेकिन जब पुलिस-प्रशासन के सामने यह बात सामने आई तो दंडाधिकारी सह पलना प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी सुमन कुमार सौरभ की उपस्थिति में पुलिस ने मंगलवार को कब्र से नाबालिग की लाश को निकाल कर पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल साहेबगंज भेजा। जानकारी के मुताबिक, नाबालिग लड़की अपनी सहेली के साथ बीते बुधवार को बैंक से पैसे निकालने गई थी। वापसी के दौरान दोनों लड़कियां तालझारी पंचायत के अपने दो लड़के मित्र के साथ कल्याणपुर गांव में आयोजित फुटबॉल मैच देखने निकल गई थी। इसके बाद शनिवार तक दोनों लड़की का कुछ भी अता पता नहीं चल सका था। रविवार की सुबह उसमें से एक नाबालिग लड़की का शव गांव में ही एक निर्माणाधीन मकान के छज्जे में पड़ा मिला था। लड़की की नाक और मुंह से खून निकलता देखकर घरवाले यह समझे की सांप के काटने से मौत हुई होगी और उसे दफना दिया गया।
हुआ मामले का खुुलासा
रविवार की शाम को मृतका की सहेली ने मृतका के परिजनों को अपने और मृतका के साथ सामूहिक दुष्कर्म होने की बात बताई। उसने कहा कि वे किसी तरह से जान बचाकर भागने में सफल हुई थी। इसके बाद सोमवार को मृतका के पिता रांगा थाना पहुंचकर इसकी सूचना दी। इसके बाद पुलिस हरकत में आई। मामले में राजमहल एसडीओ हरिवंश पंडित के निर्देश पर पतना प्रखंड के वीडीओ सुमन कुमार सौरभ को दंडाधिकारी नियुक्त किया गया। जिनकी उपस्थिति में मंगलवार को नाबालिग लड़की का शव कब्र से बाहर निकाल कर उसे पोस्टमार्टम के लिए साहेबगंज सदर अस्पताल भेजा गया। जहां प्रशासन की ओर से नियुक्त मेडिकल बोर्ड की टीम द्वारा पोस्टमार्टम कर यह जानने का प्रयास किया जाएगा कि लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना घटित हुई या नहीं? इसके आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। उधर, मृतका की सहेली के बयान पर इस मामले में पांच लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने पूछताछ के लिए चार युवकों को हिरासत में ले लिया है।