पीएमओ का सलाहकार बताकर जेएनयू का छात्र कर रहा था ठगी, असम से गिरफ्तार


नई दिल्ली ब्यूरो। जेएनयू का छात्र प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ऑफ इंडिया का यूथ सलाहकार बनकर ठगी कर रहा था। उसने पीएमओ में सलाहकार होने का विजिटिंग कार्ड भी छपवा रखा था। आरोपी ने एक कारोबारी से 2.23 करोड़ रुपये की कीमत के मास्क का सऊदी अरब भिजवाने का झांसा दिया। मास्क की खेप विदेश भेजने के लिए उसने फर्जी लेटर जारी किया था। आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस ने आरोपी अनिकेत डे को असम से गिरफ्तार कर लिया है। डीसीपी राजीव रंजन ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है। आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूर्वी दिल्ली के कारोबारी अनुज जैन की कपड़े की फैक्ट्री है। कोरोना की वजह से काम बंद होने पर उन्होंने मास्क बनाकर सप्लाई शुरू कर दी। इसी दौरान उनकी मुलाकात अनिकेत डे से हुई। आरोपी ने अनुज को 2.23 करोड़ की कीमत केथ्री प्लाई मास्क सऊदी अरब भिजवाने को कहा। इसके लिए अनुज जैन से सात लाख रुपये मांगे। कारोबारी ने करीब पांच लाख आरोपी को दे दिए थे। मास्क का कंसाइनमेंट एयरपोर्ट पहुंचा। मास्क की खेप को सऊदी अरब भेजने के लिए डायरेक्टर जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (डीजीएफटी) की परमीशन थी। संदेह होने पर कस्टम अधिकारियों ने लेटर की जांच की। लेटर के फर्जी निकलने पर कस्टम सुपरिटेंडेंट पंकज कुमार ने आईजीआई एयरपोर्ट पर 11 सितंबर को एफआईआर दर्ज कराई थी। आईजीआई एयरपोर्ट पर तैनात इंस्पेक्टर विपिन कुमार और हवलदार हरीओम की टीम ने दो दिन पहले अनिकेत डे (22) को असम से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने अनुज जैन से कार भी ले रखी थी। वहीं अनुज जैन ने हुई ठगी की एफआईआर गाजीपुर थाने में दर्ज कराई है। 
नोएडा से किया स्नातक, लिख चुका है किताब 
मूलरूप से असम निवासी अनिकेत डे ने नोएडा की एमिटी यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन पूरी की है। वह जेएनयू से एमए कर रहा है। आरोपी साइबर एक्सपर्ट है और उसने ‘दी थ्री टेल्स’ पुस्तक लिखी है। पुलिस को इसके पास से यूथ सलाहकार से विजिटिंग कार्ड बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने डीजीएफटी का परमीशन लेटर खुद ही तैयार किया था। आरोप है कि अनिकेत ने प्रधानमंत्री का सलाहकार बनकर मास्क की खेप भिजवाने के लिए फोन कर कस्टम अधिकारियों को धमकाया था। आरोपी अनिकेत करीब एक महीने पहले बंगलूरू में भी गिरफ्तार हुआ था। यहां इसने प्रधानमंत्री के यूथ सलाहकार का विजिटिंग कार्ड दिखाकर होटल का कमरा बुक कराया था। धौंस दिखाते हुए झगड़ा कर लिया था। 


सोशल मीडिया पर भी खुद को बताता था पीएम का यूथ सलाहकार 
आरोपी ने फेसबुक समेत अन्य सोशल प्लेटफॉर्म पर भी खुद को प्रधानमंत्री का यूथ सलाहकार बता रखा था। सुरक्षा एजेंसियों को इस बात की भनक तक नहीं लगी कि एक युवक प्रधानमंत्री का फर्जी यूथ सलाहकार बना हुआ है।  जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी ने लॉकडाउन में अपना वीआईपी पास बनवा लिया था। सलाहकार होने की धौंस दिखाकर कारोबारी अनुज जैन का भी पास बनवा दिया था।