पुलिस महकमें में भ्रष्टाचार की खुली पोल,10 लाख की रिश्वत राशि लेते सिपाही हुआ रंगे हाथों गिरफ्तार,थानाधिकारी फरार



  • जोधपुर एसीबी ने जयपुर में की बड़ी कार्यवाही

  • गंगानगर जिले के जवाहर नगर थाना के सिपाही को किया गिरफ्तार

  • सिपाही नरेश चंद्र मीणा को दस लाख की रिश्वत राशि लेते किया गिरफ्तार

  • NDPS के मामले में मांगी गई थी रिश्वत, NDPS मामले की जांच कर रहे राजेश कुमार हुए फरार

  • जोधपुर एसीबी की टीम के नरेंद्र चौधरी की अगुवाई में हुई कार्यवाई, डीआईजी एसीबी विष्णु कांत ने दी जानकारी

  • 10 लाख की रिश्वत राशि के साथ सिपाही गिरफ्तार थानाधिकारी फरार


जोधपुर। जोधपुर एसीबी ने मंगलवार को बड़ी कार्यवाही को अंजाम दिया। एसीबी ने जयपुर में एनडीपीएस एक्ट के मामले में 25 लाख की रिश्वत राशि की मांग करने और 10 लाख रुपए की रिश्वत राशि के साथ रंगे हाथों सिपाही नरेश चन्द्र मीणा को गिरफ्तार किया है। वहीं जांच अधिकारी मौके से फरार हो गया।
14 अक्टूबर को परिवादी ने दर्ज करवाई रिपोर्ट
एसीबी के अधिकारी नरेंद्र चौधरी ने बताया कि गत 14 अक्टूबर को परिवादी ने एसीबी चौकी जोधपुर में उपस्थित होकर रिपोर्ट पेश की थी। परिवादी ने बताया था कि उसकी व उसके भतीजे पवन कुमार अरोडा की श्री गुरू तेगबहादुर फार्मा नामक दुकान उत्तरप्रदेश के कानपुर के बिरहाना रोड के नाचघर पर है। इनके खिलाफ पुलिस थाना सदर जिला श्रीगंगानगर में दर्ज एडीपीएस एक्ट के मुकदमा नं. 224/ 20 की जांच राजेश कुमार सियाग थानाधिकारी पुलिस थाना जवाहर नगर जिला श्रीगंगानगर की ओर से की जा रही है। इस जांच में परिवादी की फर्म की कोई भूमिका स्पष्ट नहीं होने के बावजूद परिवादी के भतीजे पवन कुमार अरोड़ा के विरूद्ध 91 सीआरपीसी का नोटिस जारी कर गत 18 नवम्बर को श्रीगुरु तेगबहादुर फार्मा पर सिपाही नरेश चन्द मीणा व सोहनलाल एएसआई आए।
15 अक्टूबर की तारीख तय की थी रिश्वत राशि लेने के लिए
मिली जानकारी के अनुसार परिवादी के भतीजे को दवाईयो के संबंध में जानकारी हेतु होटल गगन प्लाजा में ले गए । इसके बाद परिवादी के भतीजे को पुलिस थाना गंगानगर ले जाने का डर बताकर उससे आरोपी नरेश चन्द मीणा ने कानपुर में 15 लाख रूपये ले लिये। इसके बाद कहा कि इस 15 लाख में से 2.50 लाख मेरे, 2.50 लाख सोहनलाल ए एस आई के और 10 लाख थानाधिकारी को देने पड़ेंगे। इसके बाद गत 25 नवम्बर को पुनः सिपाही नरेश चन्द मीणा परिवादी के घर पर गया और दवाईयों की सूचना से थानाधिकारी सन्तुष्ट नहीं होने का कह कर 25 लाख रूपये रिश्वत की और मांग कर दी। इस पर पीड़ित ने यह राशि 15 अक्टूबर को देने तय कर 1 लाख रूपये उसी दिन सिपाही ने ले लिये।
कानपुर से दिल्ली आने के लिए एयर टिकट बुक कराने के लिए कहा
जानकारी के अनुसार आरोपी नरेश चन्द मीणा ने दिनांक 22 अक्टूबर को परिवादी के घर कानपुर जाकर परिवादी को रिश्वत राशि के सम्बन्ध में मोबाईल वॉट्सएप पर वार्ता की। तो परिवादी ने दिल्ली होना बताया। इस पर रिश्वतखोर सिपाही नरेश चन्द मीणा ने परिवादी को कानपुर से दिल्ली आने के लिए एयर टिकट कराने लिए कहा। इस पर परिवादी ने अपने बच्चे को कहकर ऑनलाइन कानपुर से दिल्ली टिकट बुक करवायी। जिससे नरेश चन्द मीणा 25 लाख रूपये रिश्वत लेने हेतु कानपुर से दिल्ली परिवादी के पास गया। लेकिन परिवादी ने कोरोना होने के कारण दिल्ली में ईलाज करवाने के कारण रिश्वत राशि 25 लाख रूपये नहीं दी। इसके बाद कांस्टेबल नरेश चन्द मीणा ने परिवादी को सोमवार दिनांक 26 अक्टूबर को 25 लाख रिश्वत राशि लेकर आने हेतु कहा जिस पर परिवादी ने 25 लाख की व्यवस्था नहीं कर पाने पर आरोपी व परिवादी ने सौदा 10-15 लाख रूपये में तय किया। इस पर उसी समय आरोपी ने 2 हजार रूपये रिश्वत परिवादी से ओर ले लिये।
रिश्वतखोर सिपाही को जय़पुर में पैसा देने की कही बात
मिली जानकारी के अनुसार परिवादी को दिनांक 25 अक्टूबर को रिश्वत राशि 10 लाख रूपये आरोपी रिश्वतखोर सिपाही नरेश चन्द मीणा को देने के लिए साथ लेकर जयपुर बुलाया। इस पर दिनांक 26.10.2020 को परिवादी हरदीपसिंह को आरोपी के कहे अनुसार एयरपोर्ट जयपुर भेजा गया। जहां आरोपी नरेश चन्द मीणा परिवादी को पिक-अप करने हेतु एयरपोर्ट जयपुर पर मिला और अपनी किराये की टैक्सी कार में लेकर परिवादी के पूर्व निर्धारित होटल रेडिसन ब्ल्यू जयपुर के कमरे में गये। जहां परिवादी से 10 लाख रूपये बतौर रिश्वत राशि लेकर परिवादी के साथ होटल रेडिसन ब्लू जयपुर में रंगे हाथों पकडा गया । रिश्वत राशि 10 लाख रूपये बरामद कर लिए गए हैं। बताया जा रहा है कि थानाधिकारी जवाहर नगर से वॉट्सएप चैट व वार्ता से उसकी भूमिका लिप्त पायी गयी। भनक लगते ही थानाधिकारी जवाहर नगर फरार हो गया है उसकी तलाशी एसीबी की विशेष टीम द्वारा की जा रही है।