सीएम को ट्वीट- तो मिला 'सरकारी' इलाज, हारकर किया सोनू सूद को ट्वीट


मिर्जापुर। अभिनेता सोनू सूद ने दिव्या उर्फ प्रतिभा पटेल की मदद की है। दरअसल, घर से निकाले जाने के बाद दिव्या बेसहारा हो गई थीं। घर से निकाला गया तो दिव्या ने धर्म परिवर्तन कर लिया। घर से वर्षों तक बाहर रहीं, जिसके बाद उन्हें बोन टीबी हो गई। नौकरी कर जो कुछ भी दिव्या ने कमाया था, वह सब इलाज में खर्च हो गया। पैसों की कमी के चलते वह अपना बेहतर इलाज नहीं करा पा रही थीं। यहां तक कि उनका उठकर चलना भी मुश्किल हो गया था। इस बीच उन्होंने अपने एक जानने वाले के जरिए मुख्यमंत्री से मदद मांगी। उन्हें इलाज के लिए भदोही जिला प्रशासन ने मिर्जापुर जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया। यहां भी सही ढंग से इलाज नहीं हो पाया तो उन्होंने ट्वीट के जरिए सोनू सूद से मदद की गुहार लगाई।
मामला अभिनेता सोनू तक पहुंचा तो उन्होंने इलाज कराने की जिम्मेदारी ली और जिला अस्पताल से रिफर कराकर करनाल के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के मुताबिक दिव्या के जानने वाले एक युवक ने पीड़िता की परेशानी को ट्वीट किया था। ट्वीट को संज्ञान में लेकर सोनू सूद ने इलाज करवाने की वादा किया था। उसी वादे के तहत दिव्या को 24 अक्टूबर को जिला अस्पताल मिर्जापुर से रिफर कराकर करनाल जिले के विर्क हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। यहां पर डॉ. अश्विनी कुमार की देखरेख में दिव्या का ऑपरेशन किया जाएगा।
'करनाल ले जाया गया'
मिर्जापुर जिला अस्पताल के इंचार्ज डॉ. कमल कुमार ने बताया कि दिव्या को भदोही जिला प्रशासन की रिक्वेस्ट इलाज के लिए 21 सितंबर को भर्ती कराया गया था। उसको जो बीमारी थी उसका इलाज यहां संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि पता चला है कि अभिनेता सोनू सूद से इस लड़की ने इलाज कराने की गुहार लगाई थी। उसी के तहत दिव्या को यहां से रिफर किया गया है। उसे करनाल लेकर गए हैं।
बदल लिया था धर्म
भदोही जनपद के घोसिया बाजार की रहने वाली दिव्या के मुताबिक उसके चार भाई-बहन हैं। मां की मौत होने के बाद उसके पिता (जो कालीन का काम करते हैं) ने दूसरी शादी कर ली थी। उसने बताया कि एक दिन पिता ने उसे घर से निकाल दिया। घर से निकाले जाने के बाद दिव्या अपनी सहेली के साथ दिल्ली चली गई थी। रास्ते में बस दुर्घटना में चोट लगने के बाद बुरे दिन शुरू हो गए और जो पैसे नौकरी करके कमाए थे, वह भी इलाज में खर्च हो गए। जब कोई सहारा नहीं बचा तो मजबूरी में उसे उसी घर वापस आना पड़ा। जहां से उसे निकाला गया था। यहां देखभाल तो दूर की बात, रोज मारपीट की जाती थी। यही नहीं घर से निकाले जाने के बाद दिव्या ने अपना धर्म भी बदल लिया था।